Pawan Jury BhilwaraRj
राजस्थान के पंचायती राज मंत्री ने स्वीकार किया है कि हमारी सरकारे विदेशी चलाते है ।
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श्री गुलाब चन्द कटारिया ने बयान दिया है कि 'विदेशी सत्ताओ ने हमारी शिक्षा व्यवस्था को पंगु बनाने के लिए 8 वीं क्लास तक फ़ैल न करने का क़ानून बनवाया था, जब किसी को फ़ैल ही नही किया जाएगा, तो कोई क्योकर पढ़ेगा'
पंचायती राज मंत्री उच्च शिक्षा पर आयोजित सेमिनार में बोल रहे थे, उन्होंने वसुंधरा राजे की उपस्थिति में कहा कि 'विदेशी शक्तियां केंद्र और राज्य सरकारों की मदद से ये साज़िश कर रही है'
उल्लेखनीय है कि कटारिया की हैसियत सरकार में नंबर 2 की है, पूर्व राजे सरकार में कटारिया गृह मन्त्री रह चुके है ।
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हालांकि कटारिया को अपने बयान को स्पष्ट करना चाहिए था, ताकि नागरिको तक यह महत्त्वपूर्ण जानकारी साफ़ तौर पे पहुँच सके :
1. कि विदेशी सत्ता से आशय MNCs है, जिन्हें भारत में प्रवेश करने का मौका FDI के माध्यम से मिलता है ।
2. कि शिक्षा से अभिप्राय विज्ञान और गणित विषयों से है ।
3. कि जहां भी MNCs जाती है, उस देश की गणित और विज्ञान के आधार को क़ानून बनवाकर नष्ट कर देती है ।
4. कि नमो पूरी तरह से विदेशी सत्ताओ के एजेंडे पर कार्य कर रहे है ।
4. कि शिक्षा का मतलब गणित विज्ञान ही होता है, इसी से तकनीक आती है । शेष सभी विषय अक्षर ज्ञान है ।
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ऐसे में जबकि नमो सिर्फ FDI के एजेंडे पर ही कार्य कर रहे है, हमारी शिक्षा व्यवस्था और भी बदतर होने वाली है ।
नमो ने 100 दिन में मोरिशश रूट समाप्त नही किया, MNCs और SEZ को दी जाने वाली कर राहते समाप्त नही की, जबकि बीमा, रक्षा और रेल में FDI की सीमा बढ़ाई ।
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यहाँ तक कि वसुंधरा सरकार को साल पूरा करने में 3 महीने शेष है, राजे ने गणित विज्ञान की शिक्षा का आधार मज़बूत करने के लिए कोई क़ानून पास नही किया है, आठवीं बोर्ड बनाए जाने का मामला भी लटका हुआ है । साफ़ है कि गहलोत थे तब भी, और अब राजे है तब भी, मनमोहन थे तब भी और मोदी है तब भी, सरकार MNCs और मिशनरीज़ ही चला रहे है ।
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सभी राजनेतिक दल, समूह, पेड स्तंभकार और पेड इतिहासकार नागरिको से यह ज़रूरी सूचना छुपा रहे है, कि भारत अंग्रेजो का गुलाम इसीलिए बना, क्योंकि हमारे पास हथियार बनाने की तकनीक नही थी । आखिर कैसे 1 लाख लोग 36 करोड़ नागरिको को 200 वर्ष तक गुलाम बनाए रख सकते है ।
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यदि कोई देश सम्पत्तिशाली है, किन्तु उसके पास संपत्ति की रक्षा करने के लिए हथियार नही है, तो गुलामी उसकी नियति है । गणित विज्ञान से तकनीक का आधार बनता है, और ज्यूरी सिस्टम स्वदेशी इकाइयों में तकनीक निर्माण की भरपूर संभावनाओं की रचना कर देता है ।
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समाधान :
भारत तकनीक में पिछड़ा हुआ है । और तकनीक साइंस मेथ्स और हुनर (skill) से आती है ।
स्किल और क्रिएटीवटी के लिए हमको जज सिस्टम हटा कर नागरिको की जूरी प्रणाली लाना होगा । तथा सात्य से हम विज्ञान और गणित का आधार मज़बूत कर लेंगे ।
सात्य प्रणाली का मुख्य उद्देश्य गणित विज्ञान में शिक्षक तत्व* ( teachar material ) को आकर्षित करना है।
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*शिक्षक तत्व- कुछ व्यक्तियों में व्याख्या करने की अच्छी क्षमता होती है तथा वे किसी भी बिन्दू या मसले को अपेक्षाकृत सुबोध और सुगम तरीके से समझा पाते है , तथा उन्हें ऐसा करने में संतोष का अनुभव होता है । विज्ञान और गणित जैसे जटिल विषयों में यदि हम ऐसे शिक्षको को आकर्षित कर पाए तो हमारे छात्रों की प्रतिभा को तराशा जा सकेगा । दूसरा लाभ प्रतिस्पर्धा का मिलेगा और शिक्षण विधियों में नए आयामों की खोज के अवसर मिलेंगे । सात्य प्रणाली का उपयोग अंग्रेजी तथा हिंदी ( साहित्य) में भी किया जा सकेगा ।
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गणित विज्ञान के लिए सात्य प्रणाली के समाधान :
1. जो भी गणित का शिक्षक बनना चाहता है वो DEO के पास 100 रूपये देकर अपना नाम पंजीकृत करवा सकेगा ।
2. शिक्षक स्वतंत्र रूप से छात्र जुटाएगा तथा उन्हें पढ़ायेगा ।
3. छात्र या अभिभावक इस के लिए शिक्षक को कोई भुगतान नही करेंगे ।
4. परीक्षाए DEO आयोजित करवाएगा तथा परिणामो के आधार पर ग्रेड देगा ।
5. परीक्षाए मासिक तथा वार्षिक होगी । ( मासिक- बहुविकल्पीय )
6. औसत से अधिक अंक लाने वाले छात्रों की वरीयता सूची बनेगी ।
7. वरीय ग्रेड के आधार पर शिक्षक को पुरूस्कार दिया जाएगा । जो पुरस्कार शिक्षक को मिलेगा वही छात्र को भी मिलेगा ।
8. शिक्षक को अन्य कोई वेतन भत्ते आदि देय नही होगा ।
9. यदि छात्र चाहे तो सत्र के मध्य में भी अपने शिक्षक के बदल सकेगा ।
10. पुरस्कार की राशि संपत्ति कर से वितरित की जायेगी ( संपत्ति कर का 2% )
उदाहरन के लिए क X एक अध्यापक 50 छात्रों को पढाता है जिसमे से 10 छात्र ग्रेड A तथा 5 छात्र ग्रेड A+ हासिल करते है, तो 5000 × 5 = 25000 , 1000 × 10 = 10000, । कुल 35000 रूपये शिक्षक प्राप्त करेगा ( उदाहरण वार्षिक आधार पर दिया गया है )
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नागरिको से निवेदन है कि अपने क्षेत्र के विधायक तथा सांसद को SMS द्वारा ऑर्डर भेजे, कि सात्य प्रणाली और ज्यूरी ट्रायल का ड्राफ्ट गेजेट में छापा जाए ।
प्रजा अधीन राजा @ pk