Pawan Jury BhilwaraRj

'मोदी सरकार का सबसे साहसिक फैसला'

जिन नागरिको ने नमो को वोट नही दिया है वे इस पोस्ट को अवश्य पढ़े ।

जन धन योजना के तहत सभी नागरिको के खाते खुलवाये जा रहे है ताकि भारत के खनिज़ जैसे कोयला, लोहा, क्रूड ऑइल, 2G, 3G स्पेक्ट्र्प आदि से प्राप्त होने वाली रोयल्टी तथा सरकार द्वारा अधिगृहित किये गए प्लाटों से प्राप्त होने वाला किराया सीधे नागरिको के खाते में भेजा जा सके ।
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अथर्ववेद में कहा गया है कि :
'अहम राष्ट्रिम वसुनम संगामनी'
अर्थात, मैं राष्ट्र सभी प्राकृतिक संसाधनों का स्वामी हूँ ।
और नमो इस वेद वाक्य को देश में लागू कर रहे है ।
उल्लेखनीय है कि भारतवर्ष में विपुल खनिज़ संपदाओ का भण्डार है जिसके स्वामी वे सभी भारतीय है जो कि इस भू भाग में रहते है । अत: खनिजो से प्राप्त होने वाली रोयल्टी सीधे नागरिको के खाते में ही जानी चाहिए, जो कि इसके वास्तविक हक़दार है ।
नमो के इस फैसले से देश की अर्थव्यवस्था पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ेंगे :

1. नागरिको की संपत्ति की जो लूट औने पौने दामो में की जा रही है, उस पर लगाम लगेगी और खनिजो का वास्तविक मूल्य प्राप्त होने लगेगा ।
उदाहरण के लिए निजी कम्पनियां अभी भारत सरकार को कोयले की रोयल्टी 27 रू प्रति टन देती है, शोधन और ढुलाई खर्च मिलाकर यह लागत 600 रू आती है । इस कोयले को 5000 रू प्रति टन के भाव से बेच दिया जाता है । इस प्रकार नागरिको के हक का कोयला मात्र 27 रू प्रति टन में लुटाया जा रहा है । यह स्थिति सिर्फ कोयले में ही नही है, बल्कि सभी खनिजो में इस प्रकार की लूट और भ्रष्टाचार बड़े पैमाने पर किया जा रहा है ।
अब चूंकि खनिज से प्राप्त रोयल्टी सीधे नागरिको के खाते में जायेगी अत: नागरिक खनिजो में रुचि लेने लगेंगे जिस से नीलामी की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और खनिजो के वास्तविक मूल्य की रॉयलटी प्राप्त होगी ।
2. MNCs द्वारा भारत के खनिजो की लूट पर लगाम लगेगी और भारत के खनिजो को टेक ओवर करने के बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के षड्यंत्रनिष्फल हो जायेंगे ।
3. खनन से प्राप्त रोयल्टी सीधे नागरिको के खाते में जमा होगी । एक अनुमान के अनुसार यह राशि लगभग 500-600 रू प्रति माह होगी । इस व्यवस्था से गरीबी में भारी कमी आएगी, लगभग 6 महीने में ही भारत में 80% गरीबी कम हो जायेगी ।
उदहारण के लिए मान लीजिये किसी परिवार में 5 सदस्य है, तो उस परिवार को 600×5 = 3000 रूपये प्रति माह प्राप्त होंगे ।
यहाँ यह याद रखना आवश्यक है कि यह राशि कोई अनुदान या खैरात नही है, बल्कि नागरिको का हक है । क्योंकि देश की प्राकृतिक संपदाओ के स्वामी सभी 122 करोड़ नागरिक है । अब उन नागरिको को उनका यह हक हर महीने उनके खाते में जमा होता रहेगा । कितनी सुन्दर व्यवस्था है ,और कितना निष्पक्ष न्याय ।
4. सरकार द्वारा इस्तेमाल किये जा रहे नागरिको के प्लाटो जैसे एअरपोर्ट, आईआईएम, इग्नू आदि से प्राप्त होने वाला किराया भी नागरिको को सीधे खाते में भेजा जाएगा जिससे प्रति माह प्राप्त होने वाली राशि में वृद्धि होगी ।
5. सरकार द्वारा उन जमीनों को खाली कर दिया जाएगा जिन का इस्तेमाल सरकार नही कर रही है । इस से कई हज़ार वर्ग किलोमीटर जमीन की आवक बाज़ार में होगी , जिससे ज़मीनों की दर में भारी कमी आएगी ।
6. जमीन की कीमतों में कमी आने से गरीब आदमी द्वारा घर बनाना और उद्योग धंधे लगाना सस्ता हो जाएगा । स्वदेशी उद्योगों से रोजगार बढ़ेगा और हमारी विकास दर में तेजी से वृद्धि होगी ।
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यह फैसला बताता है कि मोदी साहब का दर्शन देश के लिए कितना स्पष्ट और गहराई लिए हुए है । इस एक फैसले से मोदी साहब ने 66 साल से चल रही गरीबी ,जमीन की बढती कीमतें , खनन में बढती लूट व भ्रष्टाचार तथा स्वदेशी उद्योगों को सरक्षण की समस्या को हल कर दिया है ।
बहुराष्ट्रीय कम्पनियों, मिशनरीज़, धनिको तथा अन्य भ्रष्ट नेताओं द्वारा किये जा रहे विरोध के बावजूद गरीबो तथा देश के हित में ऐसा साहसिक और कठोर फैसला सिर्फ मोदी साहब ही ले सकते थे ।

इस योजना से जुडी और अन्य महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ आप नीचे दिए गए लिंक पर देख सकते है :
tinyurl . com/ Rmfb30105

कृपया सभी मोदिफायर और मोदी भक्तो से अपील है कि इस लिंक से इस योजना के सम्बन्ध में पूरी जानकारी हासिल करे और अन्य कार्यकर्ताओं को देवें ।
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नागरिको के जो खाते खोले जा रहे है, उनमें कुछ संशोधन, जिनका हम प्रस्ताव करते है ।

1. सभी चेकबुक्स की वैधता सिर्फ 3 माह ही रखी जाए । सभी चेक्स पर यह छापा जाए कि इन चेक्स पर धारा 138 के तहत कार्यवाही नही हो सकेगी ।
2. पास्बुक्स को अंग्रेजी के अलावा स्थानीय भाषा में भी मुद्रित किया जाए ।
3. खाता संख्या में हर 3 अंको के बाद डेश '-' का प्रयोग किया जाए ।
उदाहरण के लिए खाता संख्या को 344566788900 के स्थान पर 344-566-788-900 लिखा जाए ।

प्रजा अधीन राजा @ pk