Pawan Jury BhilwaraRj
'जंग की आमद है
हथियार नदारद है'
मुल्क पर हमले का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन हमारे पास हथियार नही है ।
जब कि युद्ध तय दिख रहा है, आखिर क्यों हम इसकी तैयारी नही कर रहे है ।
या तो हम हर हाथ में बन्दूक थमा दे या फिर UN/MNCs/MISSIONRIES के गुलाम बनने को तैयार रहे । चुनाव हम नागरिको को करना है । क्योंकि सेन्य क्षमता में कमतर राष्ट्र के लिए युद्ध ऐसी संभावना है जो की बहुधा निश्चितता लिए होती है ।
पाकिस्तान की अवाम में ISIS की मकबूलियत बढती जा रही है, यह लगभग तय है कि जल्द ही ISIS पाकिस्तान को काबू कर लेगा । हमले के ज़रिये नही बल्कि लोकप्रिय विद्रोह के ज़रिये ।इस से ISIS की शक्ति कई गुना बढ़ जायेगी और हम जिहाद का अगला निशाना होंगे ।
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हम चैन की नींद सो सकते है यदि हम 'भरोसा' कर लें कि :
- ISIS अपने जिहाद के प्रोग्राम को केंसिल कर देगा ।
- पाकिस्तानी मिलिट्री ISIS को भारत में जिहाद छेड़ने के लिए कोई मदद नही करेगी ।
- पाकिस्तान कश्मीर पर अपना दावा छोड़ दे रहा है और भारत से मैत्री पूर्ण सम्बन्ध मंसूब करना चाहता है ।
- चीन पाकिस्तान और ISIS को अपने आधुनिक हथियार नही बेचेगा ।
- चीन की अरुणाचल में कोई रुचि नही है ।
- भारत की सेना के पास 20 दिन का गोला बारूद है, और किसी भी हमले को रोकने के लिए इतना काफी है ।
हम उल्टी गंगा बहने की उम्मीद क्यों कर रहे है ?
ज़मीनी हालात यह है कि यदि चीन ISIS को अपने आधुनिक हथियार दे देता है, तो हमारी सेना ढाई दिन में घुटने टेक देगी । हमारे हथियार चीन के हथियारों का मुकाबला करने में सक्षम नही है ।
पाकिस्तान के पास मौजूदा हालत में 2 करोड़ Ak-47 है जबकि हमारे पास सिर्फ 25 लाख । यदि एक बार हमारी सीमाए टूट जाती है तो ये लड़ाई शहरो की सडको पर आ जायेगी ।
हमारी स्थिति ईराक से भी बदतर होगी, ठीक वैसे ही जैसे 10 हजार कबूतरो को एक बंद कमरे में 100 बिल्लियों के साथ बंद कर दिया जाए ।
ऐसी स्थिति में हमारे पास अमेरिका की सेना को भारत में उतरने की अनुमति देने के सिवा कोई चारा नही बचेगा , एक बार अमेरिका की फ़ौज भारत में उतर जाती है तो भारत हमेशा के लिए अमेरिका का गुलाम बन जाएगा ।
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समाधान :
1. हरेक व्यक्ति को अनिवार्य रूप से बन्दूक रखने के क़ानून को गेजेट मे छापा जाए ।
- B grade weapons जिनका प्रयोग द्वितीय विश्व युद्ध में किया गया था, का उत्पादन बड़े पैमाने पर करने के लिए इनके निर्माण को लाइसेंसे मुक्त किया जाए ।
- आधुनिक हथियारों के उत्पादन के लिए जूरी सिस्टम के क़ानून को गेजेट में छापा जाए ।
सभी नागरिको से अपील है कि अपने क्षेत्र के सांसद को SMS द्वारा ऑर्डर भेजे कि उपरोक्त कानूनों को तत्काल प्रभाव से गेजेट में छापा जाए ।
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यदि ये क़ानून देश में लागू हो जाते है तो भारत में बड़े पैमाने पर हथियारों का उत्पादन शुरू होगा , और नागरिक तेज़ी से हथियार खरीदना शुरू कर देंगे । 120 करोड़ का देश है भारत । यदि 50 करोड़ नागरिक भी एक से दो वर्ष में हथियार बंद हो जाते है तो कोई भी देश की सेना हमारी सीमाओं में घुसने की हिम्मत नही करेगी ।
दुश्मन लड़ाकू विमानों और मिसाइलो से हम पर भारी बमबारी करेगा, जिस से हमारे पावर स्टेशन, पुल, एयर बेस आदि तबाह हो जायेंगे, लेकिन हर नागरिक के पास बन्दूक होने से हम अपनी टेरेटरी को टेक ओवर होने से रोकने में कामयाब रहेंगे ।
युद्धोपरांत जंगलो में फेक्ट्रीया लगाकर बड़े पैमाने पर हथियारों का उत्पादन किया जा सकेगा ताकि दुश्मन को खदेड़ा जा सके ।
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सनद रहे कि :
- स्विट्ज़रलेंड में हर नागरिक को बन्दूक् और 24 गोलियां रखना कानूनन अनिवार्य है ।
- अमेरिका में 50% से अधिक नागरिक हथियारबंद है ।
- आयातित और FDI निर्मित हथियारों में विदेशी कंपनियों द्वारा इंस्टाल किये गए किल स्विच एक्टिवेट कर दिए जाने से युद्ध के दौरान हथियार बेकार हो जाते है ।
- राईट टू रिकाल, जूरी सिस्टम, वेल्थ टेक्स आदि क़ानून आने के बाद हमें स्वदेशी आधुनिक हथियारों के उत्पादन में 5-6 वर्ष लगेंगे, इसलिए इस समय एक मात्र उपाय हर नागरिक के हाथ में बन्दूक देना है ।
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युद्ध के दौरान और उपरांत देश के भीतर के लुटेरे और असामाजिक तत्व बड़े पैमाने पर लूट पाट मचा देते है ।
बाहुबलियों और गुण्डा तत्वों द्वारा उन सम्पत्तियो/जमीनो पर कब्ज़ा कर लिया जाता है जिन परिवारों के सभी सदस्यों की मौत हो चुकी है/जो परिवार पलायन कर चुके है और अन्य सरकारी बेनामी भूमियाँ जिनके मालिक नही है ।
युद्ध के दौरान सरकारी कार्यालय, अभिलेखागार आदि या तो बमबारी में ध्वस्त कर दिए जाते है, जला दिए जाते है या फिर लूट लिए जाते है ।
इस से पुनर्निर्माण के दौरान सम्पत्तियो के मालिको का सत्यापन सरकारी दस्तावेजो की अनुपस्थिति में लगभग असंभव हो जाता है ।
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समाधान : सभी नागरिको की सम्पतियो और पारिवारिक ब्योरे की चार फाइलों के सेट बना कर पब्लिक डोमेन में डाल दिए जाए । ताकि नागरिको की महत्त्वपूर्ण जानकारियों का वैकल्पिक अभिलेख उपलब्ध रहे ।
तहसील स्तर पर निम्न तरीके से दस्तावेजी फाइल्स बनायी जा सकती है :
1. फाइल अ में व्यक्ति का पूरा नाम तथा उसके पारिवारिक सदस्यों के बारे में जानकारी ।
2. फ़ाइल ब में फ़ाइल अ की जानकारी तथा व्यक्ति के दसो अंगुलियों के फिंगर प्रिंट ।
3. फ़ाइल स में, फ़ाइल अ , ब की जानकारी तथा पुरुष का पासपोर्ट साइज़ का छाया चित्र ।
4. फाइल द में , फ़ाइल अ,ब,स की जानकारी तथा व्यक्ति की संपत्ति का ब्यौरा ।
हर नागरिक इन अधिकृत फाइल्स को अपने पास रख सकेगा । फाइल्स डीवीडी, पीडीऍफ़ या दस्तावेज के रूप में भी रखी जा सकेगी ।
विप्लव के बाद के हालात में ये जानकारियाँ व्यवस्था बहाली में बहुत उपयोगी साबित होगी वरना अराजकता और लूटमार का माहौल बन जाएगा ।
निजी जानकारी पब्लिक डोमेन में आने से हो सकता है कुछ नागरिक असहजता महसूस करे लेकिन यह जानकारी इतनी भी महत्त्वपूर्ण नही कि छिपाना आवश्यक हो ।
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सभी नागरिको से निवेदन है कि अपने क्षेत्र के सांसद को ये निजी जानकारिया अधिकृत दस्तावेज के रूप में निर्मित कर के पब्लिक डोमेन में डालने का ऑर्डर भेजे ।
सभी प्रस्तावित कानूनों के ड्राफ्ट दिए गए लिंक से मुफ्त डाउनलोड करे -
rahulmehta . com / 301 . h . htm
प्रजा अधीन राजा @ pk