Pawan Jury BhilwaraRj
'कभी जल, कभी कमल, कभी बतख...
सियासत के कई चोले हुए है' ।
नमो ने बीमा में FDI की सीमा बढ़ाई ।
नमो ने बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 26% से बढ़ाकर 49% करने का फैसला किया है ।
अफवाह है कि सरकार पेंशन कोष के प्रबंधन का अधिकार भी विदेशी बीमा कंपनियों को दे सकती है ।
यदि ऐसा फैसला किया जाता है तो पेंशन निधियों के निवेश शेयर मार्किट और सट्टा बाज़ार में किये जा सकेंगे ।
सुरक्षित निधियां शेयर बाज़ार से जुड़ने से ये कोष बाज़ार के हवाले हो जायेंगे ।
हालांकि अभी तक ऐसे किसी फैसले की पुष्टि नही हुयी है ।
नमो कोंग्रेस के एजेंडे को ही आगे बढ़ा रहे है , सरकार का सिर्फ चेहरा बदल गया है लेकिन वही नीतियाँ बदस्तूर जारी है ।
यदि यह फैसला UPA ने लिया होता तो आरएसएस/बीजेपी/स्वदेशी जागरण मंच आदि देश में बवाल कर सकते थे , इसलिए ये फैसला पूर्व सरकार नही ले सकी । किन्तु अब इन फैसलों के खिलाफ कोई बोलने वाला संघठन नही है ।
बीजेपी की नीति FDI के सम्बन्ध में कुछ इस तरीके की है 'यदि बीजेपी विपक्ष में है, तो FDI देश के लिए हानिकारक है, किन्तु बीजेपी सत्ता में है तो FDI देश के लिए लाभ दायक है' ।
आरएसएस/बीजेपी/स्वदेशी जागरण मंच और बाबा रामदेव ने कार्यकर्ताओं को तेल साबुन पेप्सी कोक आदि के खिलाफ FB और wts app पर अभियान चलाने में व्यस्त कर रखा है । और इनके 'प्रभु' FDI को अनुमति दे रहे है ।
केजरीवाल ने FDI के खिलाफ प्राइवेट बिल संसद में रखने से मना कर दिया है क्योंकि वे भी मिडिया फूटेज के लिए FDI पर निर्भर है ।
ज्ञातव्य है कि बीमा क्षेत्र में FDI को अनुमति यशवंत सिन्हा ने वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में दी थी । सिन्हा स्वदेशी जागरण मंच के संस्थापक सदस्यों में थे। स्वदेशी जागरण मंच और आरएसएस सभी क्षेत्रो में FDI के खिलाफ रहा है, आज 'भी' है ।
बीजेपी के पास कार्यकर्ताओं को भ्रमित करने के लिए कई चेहरे है ।
- मुस्लिम टोपी पहनने और 'सिर झुका कर क्षमा मांगने' के लिए राजनाथ है ।
- राम मंदिर बनवाने और बटन दबा कर 'बदला लेने' के लिए अमित शाह है ।
- तेल साबुन स्वदेशी के नाम पर बाबा रामदेव और स्वदेशी जागरण मंच है ।
- हिन्दू वाद के लिए आरएसएस है ।
ये सभी नदियाँ 'नमो' नामक समंदर में मिलकर 'सबका साथ सबका विकास' और FDI की नीतियों में बदल जाती है ।
गीता में श्रीहरि कहते है कि सत्व, रज और तम नाम की यह मेरी त्रिगुणी माया बहुत ही दुस्तर है और सारा समुदाय इस माया के वशीभूत होकर मोहित हो रहा है , जो 'भक्त' जिस भी भाव से मुझे भजता है , मैं उसी भाव में उसे 'स्थिर' कर देता हूँ ।
हम सभी बीजेपी/कोंग्रस/ आम आदमी पार्टी/आरएसएस/भारत स्वाभिमान ट्रस्ट/ स्वदेशी जागरण मंच के कार्यकर्ताओं से अपील करते है कि अपने संघठनो की मीटिंग में जाकर FDI के खिलाफ संसद में बिल लाने को कहें , जब आप ऐसा करेंगे तो अमुक पार्टी के नेता आपको मीटिंग में न आने के लिए कहेंगे । इस से आइन्दा के लिए इन छद्म स्वदेशी समूहों को आपका समय बर्बाद करने का मौका नही मिल पायेगा ।
- सभी नागरिको से निवेदन है कि पेप्सी, कोक, साबुन, तेल, शेम्पू आदि के नाम पर स्वदेशी का प्रपंच चला रहे समूहों और कार्यकर्ताओं से FDI का विरोध नही करने का कारण पूछे , और उनसे इस सम्बन्ध में स्टेंड लेने को कहें ।
यह अजीब विडम्बना है कि नमो विदेशी कम्पनियों को भारत में घुसने की धुवाधार अनुमति देते है , और उनकी ब्रिगेड तेल साबुन में स्वदेशी अपनाओ के मेसेज भेज भेज कर सोशल मिडिया पर कोहराम मचाये रहती है ।
विदेशी मिडिया का क्या ?
विदेशी बीमा का क्या ?
विदेशी GM फसलो का क्या ?
विदेशी बुलेट ट्रेन का क्या ?
क्यों ये सब क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा नमो बढ़ा रहे है ?
क्यों स्वदेशी स्वदेशी के नारे लगाने वाले FDI पर खामोश है ?
गुड़ खाकर गुलगुलो से परहेज़ !!!!
समाधान :
सभी नागरिक अपने क्षेत्र के सांसद को SMS द्वारा ऑर्डर भेजे कि सभी क्षेत्रो में FDI की अनुमति रद्द की जाए ।
प्रजा अधीन राजा @ pk ै