Pawan Jury BhilwaraRj
2005 में माननीय न्यायाधीश जगदीश भल्ला की बीवी ने नोएडा में एक प्लाट 5 लाख रूपये में ख़रीदा जिसकी उस समय मार्किट कोस्ट 7 करोड़ थी । जांच से पता चला कि सेलर एक भू माफिया है तथा उस पर देल्ही NCR पर ज़मीनों पर अवेध कब्जों के कई केस चल रहे है । अमुक प्लाट भी सेलर द्वारा अवेध रूप से कब्ज़ा कर के हासिल किया गया था ।
हमारे देश में पिछले 20 वर्ष में सबसे बड़ा भ्रष्टाचार ज़मीन और अवेध खनन में हुआ है । सभी IAS, IPS, न्यायाधीश, मंत्री आदि घूस के रूप में नकदी की जगह औने पोन दाम में ज़मीन खरीदते है और 5% स्टाम्प ड्यूटी चुका कर खुले आम करोडो की ज़मीन के मालिक बन जाते है ।
समाधान :
- ज़मीनों के बाज़ार मूल्य निर्धारित करने की प्रक्रिया पारदर्शी की जाए ।
- यदि A कोई ज़मीन प्लाट आदि B से खरीदता है तो अगले एक महीने तक उस भूमि पर लोकिंग पीरियड रहेगा । इस के अनुसार एक महीने के भीतर C सौदे की राशि का 20% अधिक मूल्य चुका कर उस ज़मींन को खरीद सकता है । इस राशि का 15% हिस्सा B को तथा 5% हिस्सा सरकारी खाते में जाएगा ।
- ये क़ानून पास होने से ज़मीन और माइन्स की बड़े पैमाने पर हो रही काला बाजारी पर नियंत्रण लगेगा ।
सोमोके (सोनिया मोदी केजरी) इस क़ानून का विरोध कर रहे है ।क्योकि यदि ये क़ानून पास होता है तो उनके उद्योगपति एजेंट , नव धनाड्य, बाहुबली और उनके सांसद मंत्री आदि बड़े पैमाने पर घपले करने से महरूम हो जायेंगे ।
इस क़ानून का पूरा ड्राफ्ट प्रजा अधीन राजा के मेनिफेस्टो पर उपलब्ध है ।
सभी नागरिको से अपील है कि ये क़ानून को पास करने का ऑर्डर अपने सांसद को sms द्वारा भेजे ।
प्रजा अधीन राजा @ pk