Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate
Hindi Translation of my ad asking voters to send orders to MPs via SMS
on 01-oct-2013 , I had given an ad in Gujarat Samachar, Ahmedabad edition, first page, size = quarter page , asking voters to send orders to MPs via SMS, and explaining (1) which problems will reduce when 40 crore voters send orders to MPs via SMS (2) why Anna, Arvindbhai, politicians and intellectuals etc oppose the proposal that "citizens should send orders to MPs via SMS" . Here is the Hindi Translation of that ad in PDF format. And doc file also there in files of this group
For links to ad, link to PDF of Hindi translation etc , pls see the first comment of this post
Hindi Translation
गरीबी, कोर्ट/पुलिसका भ्रष्टाचार, महिलाओंकी असुरक्षा, गोहत्या, शिक्षणमें गिरावट - ये समस्याएं ६ महीनोमें कम हो सकती हें
हम नागरीक SMS से अपने सांसदोको जरूरी हुकम भेजनेका हमारा संवेधानिक और धार्मिक कर्तव्य निभाना शुरू करे
(advertisement) राहुल चिमनभाई महेता, B Tech, IIT Delhi , राइट टू रिकोल पार्टी ; facebook. com\MehtRahulC
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इस एडवर्टाइज़ में मैं आपको ४ बाते बताना चाहता हूँ :
१. सांसदोंको smsसे जरुरी हुकम भेजना नागरीकका फर्ज है
२. कौनसे हुकम सांसदोको smsसे भेजनेसे कौनसी समस्याए कम हो सकती है ?
३. ४० करोड़ वोटरके smsसे भेजे गए हुकममें क्या शक्ति है?
४. बुद्धिजीवी, नेता, अन्ना, केजरीवाल क्यों “नागरीक sms से सांसदको हुकम भेजे”, इस पध्धतिका विरोध करते है ?
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१. सांसदोंको जरुरी हुकम smsसे भेजना नागरीकका फर्ज है
स्वामी दयानंद सरस्वतीने १८७०में सत्यार्थ प्रकाशके छठे अध्यायके प्रथम पृष्ट पर ही कहा है की नागरिकोको राजाको प्रजाधीन रखना चाहीए, अन्यथा राष्ट्रका नाश होगा. और हमारा संविधानभी कहता है की नागरिकोको सांसदको प्रजाधीन रखना चाहिए. इस तरहसे हम ८० करोड़ वोटरोंका यह धार्मिक और संवैधानिक कर्तव्य है की हम अपने सांसदोको smsसे जरुरी हुकम भेजे.
अनेक समस्याये जैसेकी गरीबी, पुलिस\अदालतोंका भ्रष्टाचार, धर्म-परिवर्तन, गोहत्या, छेड़खानी, गणित और विज्ञानके शिक्षणका गिरता स्तर आदि बढ़ी है क्योकि हम ८० करोड़ वोटर सांसदोंको जरुरी हुकम smsसे नही भेज रहे. और उसका उपाय है की हम भारतके ८० करोड़ नागरीक सांसदोंको smsसे जरुरी हुकम भेजना आज से शुरू करे. तो आज कौनसे हुकम सांसदको smsसे भेजने चाहिए? जो हुकम आपको योग्य लगे. मेरा सुझाव है की जो भी कानून आपको जरुरी लगे, वह कानून गेझेटमें छापनेका हुकम हमें अपने सांसदोंको smsसे आजसे भेजना शुरू करना चाहिए. ८०% सांसदोंके नंबर लोकसभाके वेबसाईट पर हें. यदि किसी सांसदका नम्बर उसके वेबसाईट पर नहीं हें तो आप उस सांसदकी पार्टीके अन्य किसीभी करीबी सांसदको smsसे अपना हुकम भेज सकते है.
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२. कौनसे हुकम smsसे भेजनेसे कौनसी समस्याए कम होगी?
1. चालीस करोड़ वोटर सांसदोंको smsसे हुकम भेजे की “मैं आप सांसदश्री को हुकम करता हूँ की खनिजकी रोयल्टी और सरकारी जमीनका किराया सीधाही नागरिकके खातेमें जमा हो, ऐसा कानून आप गेझेटमें छापे, वर्ना मैं आपको वोट नहीं दूंगा #mrcm “, तो सिर्फ ३ महिनेमें गरीबी दूर हो जाएगी. और इससे धर्म-परिवर्तन और नकसलवादभी कम हो जाएगा.
2. चालीस करोड़ वोटर सांसदोंको smsसे हुकम भेजे की “मैं आप सांसदश्री को हुकम करता हूँ आप ज्यूरी-प्रथा और राइट टू रिकोल न्यायाधीश के कानूनको गेझेटमें छापें #jury #rtrjudge“ तो मात्र ३ वर्षोमें पेंडिंग ३.५ करोड़ केसोंके जजमेंट आ जायेंगे और उसके बाद केसोंका जजमेंट औसत ४ सालके बजाय औसत ३ महिनोमें आएगा.
3. चालीस करोड़ वोटर सांसदोंको smsसे हुकम भेजे की “नाबालिग अपराधीकी उम्र १८ वर्षसे कम कर १४ वर्ष करो #juvenile”, तो दिल्हीके दिसम्बर-१६ को हुए बलात्कार-खूनके पांचवे अपराधीको भी फांसी हो जायेगी.
4. चालीस करोड़ वोटर सांसदोंको smsसे हुकम भेजे की भ्रष्टाचार, हत्या, बलात्कार या गोहत्या में थोडेसे साबुत भी हो, तो आरोधीपीका पब्लिकमें नार्को-टेस्ट हो, ऐसा कानून गेझेटमें छापो #narcotest” , तो सिर्फ ४ महीनेमें ये सारे गुन्हा कम हो जायेंगे.
5. राज्यके आधे वोटर विधायकको smsसे हुकम भेजेकी “ राइट टू रिकोल जिला शिक्षण अधिकारीका कानून गेझेट में छापे #rtrdeo” तो सिर्फ ३ महीनेमें शिक्षणमें सुधार आयेगा और खर्च घटेगा.
6. चालीस करोड़ वोटर सांसदको smsसे हुकम भेजे की “मैं आपको mr. abc को प्रधानमंत्री बनानेका हुकम करता हूँ #pmabc” तो १ महीनेमें प्रधानमंत्री बदल जायेगा, और बादमें प्रधानमंत्रीकी ऑफिसमें भष्टाचार शून्य हो जाएगा.
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३. चालीस करोड़ वोटरों द्वारा भेजे गए हुकम क्यों सिर्फ दो मासमे अमलमें आते हें?
(अ) smsमें #code रखनेसे कोम्प्युटर उसकी ओटोमेटिक गिनती कर सकता हें, जोकि पोस्टकार्ड या हस्ताक्षर अभियानमें संभव नहीं.
(ब) sms भेजनेवालोका वोटरकार्ड-नम्बर सांसद प्राप्त कर सकते है, और इससे सांसद कानून मंगानेवालोकी सही संख्याका अनुमान लगा सकता है, जोकि पोस्टकार्ड या हस्ताक्षर अभियान में संभव नहीं.
चालीस करोड़ वोटर सांसद को smsसे गेझेटमें कानून छापनेका हुकम भेजे , तो प्रधानमंत्री वह कानून मात्र एक महीनेमें गेझेटमें छाप देंगे. क्यों? इसके सिर्फ दो कारण है.
(१) प्रधानमंत्री सत्ता जानेके भयसे यह कानून गेझेटमें छाप देंगे या
(२) दुसरे महीने जब सच्चे क्रांतिकारी प्रधानमत्रीको मिलेंगे, तो उन क्रांतिकारीओ के कहनेसे वर्तमान या नए प्रधानमंत्री वह कानून गेझेटमें छाप देंगे.
इस तरह, ४० करोड़ वोटरों द्वारा smsसे भेजे गए हुकम दो महीनेमें गेझेटमें छपते हें, और अमलमें भी आते हैं .
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४. क्यों बुद्धिजीवी, नेता, अन्ना, अरविंदभाई आदि ‘वोटर smsसे सांसदको हुकम भेजे’, इस प्रथाका विरोध करते हैं?
रेली, अनशन, हस्ताक्षर-अभियानमें यदि नये नेता बिक जाए तो अभियान बिखर जाता हैं. जबकि “वोटर smsसे सांसदको हुकम भेजे”, यह अभियान नया नेता बिक जाए तो भी चलता रहता हैं. ईसलिए रेली, अनशन, हस्ताक्षर-अभियान समयकी बर्बादी हैं. जबकि वोटर smsसे सांसदको हुकम भेजे, ये तरीका खरा हैं. लेकिन वोटर smsसे सांसद हुकम भेजे इस तरीकेका सारे नेताओं, पोलिटिकल सायंस, समाजशास्त्र, अर्थशाश्त्र आदिके विशेषज्ञोने विरोध किया हैं. क्यों? यह आप उन्हींसे पूछ लीजिए.
और एप्रिल-२०११में अन्ना और अरविंदभाई दोनोने ४० करोड़ वोटर सांसद को सीधेही ‘जनलोकपालका कानून पास करो‘ यह हुकम भेजे, इस प्रक्रियाका विरोध किया. क्यों? क्योकि यदि वोटर सीधे सांसदको smsसे हुकम भेजना शुरू करे देंगे, तो नये नेताओं की दूकान ख़तम हो जायेगी. और उनको एजंडा बदलनेका भाव नहीं मिलेगा. इसलिए दोनों महानेता इस प्रथाका विरोध करते है.
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मै आपसे विनती करुंगाकी आप अन्ना , अरविदभाई, , पोलिटिकल सायंस, समाजशास्त्र, अर्थशाश्त्र आदिके विशेषज्ञोकी सलाह. की “वोटरों को smsसे सांसदोंको हुकम नहीं भेजने चाहिए” ना माने. और अअप आजसे ही संसदोंको smsसे हुकम भेजना शुरू करे.
और जानकारीके लिए देखिये : rahulmehta . com , facebook . com/MehtaRahulC . इस एडकी जेरोक्ष सबको दिखनेकी आपको विनती है. यह एड अन्य अखबारोंमेंभी देनेकीभी आपको विनती है.