जनसँख्या नियंत्रण के लिए प्रस्तावित क़ानून ( Short Version)
यह प्रस्तावित क़ानून दो से अधिक संतान रखने वाले नागरिको पर कुछ दंडात्मक प्रावधान लगाता है। परन्तु जिन अभिभावकों के 1 या 2 या 3 पुत्रियाँ है किन्तु कोई भी पुत्र नहीं है, उन्हें इस क़ानून के अनुसार कुछ अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलेंगे, एवं उन्हें किसी आर्थिक दंड का सामना भी नहीं करना होगा। किन्तु यदि किसी व्यक्ति के 2 पुत्र या एक पुत्री एक पुत्र है और फिर भी वे एक संतान और पैदा करते है तो उन्हें कुछ आर्थिक दंड का सामना करना पड़ेगा।
यह कानून भारत में जनसँख्या के लगातार बिगड़ रहे धार्मिक संतुलन में भी सुधार लायेगा। इस कानून को धन विधेयक के रूप में लोकसभा से साधारण बहुमत द्वारा पारित किया जा सकता है। इस क़ानून को राज्यसभा से पास करने की जरूरत नहीं है। यह क़ानून भारतीय संविधान के किसी भी अनुच्छेद का उलंघन नहीं करता, अत: इसके लिए किसी प्रकार के संवैधानिक संशोधन की भी ज़रूरत नहीं है। प्रस्तावित टू चाइल्ड लॉ के मुख्य बिंदु निचे तालिका में दिए गए है। इस क़ानून के पूरे ड्राफ्ट का पीडीऍफ़ लिंक एवं फेसबुक लिंक कमेन्ट बॉक्स में देखें।
यदि आप इस क़ानून का समर्थन करते है तो Pm को एक खुला निर्देश पत्र (पोस्टकार्ड आदि) भेजे। पत्र में यह लिखे -
प्रधानमंत्री जी, टू चाइल्ड लॉ कानून गेजेट में छापें - #TwoChildLaw
Proposed by : #VoteVapsiMovement