Pawan Jury BhilwaraRj
सरकार जब कोई निर्माण (Construction) करती है, तो कुल बजट का 50% से 70% तक पैसा नेता और अधिकारी (मंत्री, सचिव से लेकर पार्षद/सरपंच तक) खा जाते है। इस तरह सभी तरह की निर्माण योजनाएं घोटाले है। यह व्यवस्थागत भ्रष्टाचार है।
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आप सरकार से कहेंगे कि ये अमुक निर्माण गिराना है, तो आप वर्षों तक उनसे यह नहीं करवा पायेंगे। क्योंकि उसमें पैसा बनाने के अवसर नहीं। पैसा निर्माण करने में है।
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आपने अपने क्षेत्र में ऐसे कई निर्माण देखें होंगे जिनका कोई उपयोग नहीं। और कई बार तो ये इतने व्यर्थ होते है, कि नागरिकों की परेशानी में इजाफा करते है। पर पैसा बनाने के लिए निर्माण जरूरी है। और इसलिए वे ग़ैर उपयोगी निर्माण योजनाएं गढ़ते है।
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निर्माण (Construction) के यह घोटाले 1947 से ही चल रहे है। मोदी साहेब ने इसमें एक छोटा सा परिवर्तन किया। उन्होंने इस शब्द को “विकास” शब्द से प्रतिस्थापित कर दिया। ताकि निर्माण (विकास) को उपलब्धि ठहराया जा सके।
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