Pawan Jury BhilwaraRj
प्रस्तावित इंस्टेंट रन ऑफ़ वोटिंग सिस्टम
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भारत की मौजूदा मतदान प्रणाली (Flat Voting System) जिसमें मतदाता सिर्फ एक ही उम्मीदवार को वोट कर सकता है, में एक दोष है। यह दोष 1200 ईस्वी में ही सामने आ चुका था और 1200 ईस्वी में ही इसका समाधान भी खोज लिया गया था। समाधान है – वरीय मतदान प्रणाली (Instant Run off Voting System)
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दोष यह है कि, मतदाता ऐसे उम्मीदवार को वोट नहीं कर पाता जिसे वह अपेक्षाकृत सबसे ईमानदार मानता है, बल्कि वह उस जिताऊ (Winnable) लेकिन कम बेईमान उम्मीदवार को वोट देने के लिए बाध्य होता है, जो कि अन्य जिताऊ लेकिन अधिक बेईमान उम्मीदवार को हरा सके। जिताऊ उम्मीदवार यानी विशाल संसाधनों वाले ब्रांडेड उम्मीदवार या बड़ी पार्टियों के उम्मीदवार, जिनके जीतने की सम्भावना सबसे ज्यादा होती है।
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इस दोष को एक उदाहरण से समझते है कि, किस तरह भारत की मौजूदा मतदान प्रणाली (Flat Voting System) अपेक्षाकृत ईमानदार उम्मीदारो के मैदान में होने के बावजूद मतदाताओ को बड़े लेकिन घटिया उम्मीदवारों को वोट करने के लिए बाध्य करती है।
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किसी मतदाता X पर विचार कीजिए जो यह “मानता” है कि A, B, C तीनो बड़ी पार्टियों के उम्मीदवार घटिया है, जबकि उम्मीदवार D जो कि एक छोटा उम्मीदवार है, पर इन तीनो की अपेक्षा में बेहतर है। मान लीजिये कि मतदाता X उम्मीदवार A को बेहद घटिया मानता है, और किसी भी सूरत में A को फिर से सत्ता में नहीं देखना चाहता।
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तो वह A को रोकने के लिए B को वोट कर देगा। वह D को वोट नहीं करेगा, जबकि वह जानता है कि D एक अच्छा उम्मीदवार है !! क्योंकि उसे यह भय है कि D को वोट देने से फिर से A सत्ता में आ जाएगा !!
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यह एक नकारात्मक मतदान है। क्योंकि यहाँ X ने B को सिर्फ इसीलिए वोट दिया है, ताकि वह A को सत्ता से बाहर रख सके। और इस तरह के करोड़ो X नकारात्मक मतदान के लिए बाध्य होते है।
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यह उदाहरण इस प्रश्न का भी जवाब देता है कि जब कोई साफ़ सुथरी छवि का कार्यकुशल व्यक्ति किसी छोटी पार्टी या निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ता है तो उसे वोट क्यों नहीं मिलते !! पेड मीडिया द्वारा इसकी यह गलत वजह बताई जाती है कि चूंकि भारत की जनता जागरूक नहीं है, अत: यदि ईमानदार प्रत्याशी चुनावों में आता है तब भी लोग उसे वोट नहीं करते और भ्रष्ट उम्मीदवारों को ही वोट करते है। जबकि इसकी असली वजह हमारे दोषपूर्ण वोटिंग सिस्टम में मौजूद है।
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तो इस तरह फ्लेट वोटिंग सिस्टम यह सुनिश्चित करता है, कि छोटे उम्मीदवार उभर नहीं पाये और बड़ी पार्टियों का दबदबा बना रहे।
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इस समस्या के समाधान के लिए हमने वरीय मतदान प्रणाली (IRV : Instant Run off Voting) लागू करने का प्रस्ताव किया है। वरीय मतदान प्रणाली में मतदाता अपनी पसंद या वरीयता के आधार पर 1 से अधिक प्रत्याशियों को वोट दे सकता है।
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जिस प्रत्याशी को वह सबसे ज्यादा पसंद करता है, उसे वह अपना पहला वोट देगा, और जिसे वह दुसरे नंबर पर सबसे ईमानदार मानता है, उसे वह अपना दूसरा वोट दे सकेगा। किन्तु मतदाता अधिकतम 3 प्रत्याशियों को ही वोट दे सकता है, 3 से अधिक नहीं।
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