Pawan Jury BhilwaraRj
पेड मीडिया के सोशल मीडिया पोर्टल प्रतिदिन अपने एजेंडे के तहत ढेर सारी फ़ेक न्यूज़ प्रकाशित करता है। ग़लत नेरेटीव खड़ा करने वाली इन ख़बरों में आधे अधूरे या झूठे तथ्य दिए जाते है।
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घटनाओं से संबंधित इस प्रकार की ज़्यादातर फ़ेक न्यूज़ के बारे में यदि आप स्थानीय व्यक्ति से पूछेंगे तो मालूम होता है कि पेड मीडिया ने आधे अधूरे तथ्य लिखकर मामले को गढ़ा है।
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पर चूँकि आप अमुक क्षेत्र के किसी व्यक्ति को नहीं जानते अत: आप सच्चाई तक नहीं पहुँच पाते और पेड मीडिया का प्रॉपेगेंडा चल जाता है।
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यदि सभी राजनीतिक कार्यकर्ता अपने फ़ेसबुक नाम में अपनी विधानसभा / तहसील / शहर और स्टेट कोड जोड़ दें तो पेड मीडिया घटनाओं की फ़ेक रिपोर्टिंग की क्षमता खो देगा।
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