Pawan Jury BhilwaraRj
जिन लोगो को पठान फ़िल्म देखनी ही है, वे इसे टोरेंट पर या टेलीग्राम से डाउनलोड करके देखें। थियेटर में देखने न जाएँ। टेलीग्राम पर यह फ़िल्म आसानी से उपलब्ध है।
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ग़लीज़ फ़िल्म पठान कई तरह के ग़लत संदेश देने के लिए बनाई गई है।
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(1) यह फ़िल्म अमरीकियों द्वारा फ़ंडेड है और हमारे मित्र देश रूस के सैनिकों को उपहास बनाती है। यह पहली बार है जब भारत के सेंसर बोर्ड ने रूसियों का विद्रूप निरूपण करने वाली फ़िल्म को पास किया है। अब से पहले इस तरह के दृश्यों को सेंसर बोर्ड पास नहीं करता था।
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(2) इसके अलावा इस फ़िल्म में भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ के एजेंट को ग़द्दारी करते और पाकिस्तान की ISI एजेंट को भारत को बचाने वाली भूमिका में दर्शाया गया है।
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अमेरिकी मीडिया घाटा खाने के बावजूद इस फ़िल्म को सुपर हिट बताने में इसीलिए इतना खर्च कर रहा है ताकि यह स्थापित किया जा सके कि, भारत ने रूसियों का मजाक बनाने वाली फ़िल्म को पास किया और इस फ़िल्म को भारतीय दर्शकों द्वारा काफ़ी पसंद किया गया। और इसीलिए इस फ़िल्म को प्रधानमंत्री (जो कि अमेरिकियो की कठपुतली है) के आदेश से राष्ट्रपति भवन में प्रदर्शित किया जा रहा है।
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और फिर आप आने वाले समय में कनाड़ा कुमार जैसे ग़लीज़ अभिनेताओ की ऐसी कई फ़िल्में देखेंगे जिनका प्लॉट एंटी रशियन होगा।
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