Pawan Jury BhilwaraRj
आवश्यक सूचना : धनवापसी पासबुक क़ानून में एक अतिरिक्त धारा (धारा नं 21) जोड़ी गयी है।
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यह धारा भारत सरकार के स्वामित्व में मौजूद सभी सार्वजनिक उपक्रमों का मालिक भारत के नागरिको को घोषित करती है। इस धारा के गेजेट में आने के बाद सभी PSUs (जैसे कोल इंडिया, एयर इण्डिया, ओएनजीसी आदि) से होने वाले मुनाफे को नागरिको में वितरित किया जाएगा।
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और यदि सरकार किसी PSUs को बेचती है तो ऐसे बेचान से प्राप्त होने वाली राशि (शुद्ध लाभ) भी देश के नागरिको में वितरित की जायेगी। वितरण का फार्मूला वही रहेगा जो खनिज रोयल्टी के बारे में बताया गया है।
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यदि सभी PSUs सकल रूप से किसी वर्ष लाभ की जगह घाटा बनाते है तो यह हानि अग्रेषित (Carry Forward) हो जाएगी। और इसे अगले वर्ष के शुद्ध लाभ में समायोजित किया जाएगा।
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------धारा 21 का प्रारंभ -----
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(21) केंद्र सरकार के स्वामित्व वाले सभी सार्वजनिक उपक्रमो (excluding RBI) को होने वाले शुद्ध लाभ (इसमें अमुक PSUs के स्वामित्व वाले सभी शेयर, बांड आदि से उपार्जित आय भी शामिल है) का 67.7% हिस्सा भारतीय नागरिको में लगभग बराबर रूप से वितरित किया जायेगा। वितरण की प्रकिया एवं तरीका खनिज रॉयल्टी वाले के वितरण के सदृश ही रहेगा।
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शुद्ध लाभ से यहाँ आशय है : सभी PSUs द्वारा कमाया गया लाभ – (minus) सभी PSUs द्वारा उपार्जित हानि + पूंजीगत विक्रय से उपार्जित राशि – (minus) पूंजीगत निवेश एवं व्यय। धनराशी की गणना नकद प्रवाह (on cash flow basis) के आधार पर की जाएगी, संभूति के आधार (not on accrual basis) पर नहीं।
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टिप्पणी : उपरोक्त वर्णित अनुसार राज्य सरकारें, नगर, जिला, तहसील एवं ग्राम सरकारें भी अपने स्वामित्व वाले PSUs से प्राप्त होने वाले शुद्ध लाभ का 66.7% हिस्सा अपने राज्य / जिले / नगर / तहसील / ग्राम के निवासियों (domiciles) में वितरित कर सकती है।
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------धारा 21 का समापन ----
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