Pawan Jury BhilwaraRj
सोनिया गाँधी / विधायकों द्वारा अमरिंदर सिंह का निष्कासन :
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यदि मुख्यमंत्री पर वोट वापसी क़ानून लागू कर दिया जाता है तो राज्य के मतदाता वोट वापसी पासबुक का इस्तेमाल करके किसी भी व्यक्ति (विधायक) को मुख्यमंत्री पद के लिए स्वीकृति दे सकेंगे। तब मुख्यमंत्री कौन होगा इसका फैसला राज्य के नागरिको का बहुमत करेगा, न कि आलाकमान !!
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मुख्यमंत्री पर वोट वापसी का कानून न होने की वजह से मुख्यमंत्री आलाकमान को खुश रखने का टार्गेट लेकर काम करता है, और नागरिक हितो की अवहेलना करता है। मौजूदा व्यवस्था में मुख्यमंत्री आलाकमान का एक प्यादा है। आलाकमान जब चाहे तब उसे बदल सकता है, और इसमें नागरिको की कोई भूमिका नहीं होती।
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यदि आप अपने राज्य में वोट वापसी मुख्यमंत्री का कानून चाहते है तो नागरिक कर्तव्य दिवस (महीने की 5 तारीख) पर अपने राज्य के मुख्यमंत्री को खुला आदेश पत्र भेजे कि - वोट वापसी मुख्यमंत्री का क़ानून गेजेट में प्रकाशित किया जाए।
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नोट : कांग्रेस-बीजेपी-आम आदमी पार्टी एवं अन्य सभी पेड़ मीडिया पार्टियों के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री को वोट वापसी के दायरे में लाने के खिलाफ है। उनका कहना है कि राज्य के नागरिको के पास ऐसी कोई प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए जिससे वे यह बता सके कि राज्य का मुख्यमंत्री कौन होना चाहिए।
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#VvpCm , #VoteVapsiPassbook
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