Pawan Jury BhilwaraRj
Kapil Bishnoi:
जिस दिन मोदी साहेब ने कृषि कानून राज्य सभा में फर्ज़ीवाड़े से पास कराये थे
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उसी दिन कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, तृणमूल-कांग्रेस, सपा, बसपा, शिव सेना, बीजेडी, राजद तथा अन्य विपक्षी पार्टियां जिनके सांसद राज्य सभा है में है, उन सबको अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहना चाहिए था की सरकार गैरकानूनी काम कर रही है. इन सब को मिलकर दिल्ली का घेराव, जेलभरो आदि अहिंसात्मक आंदोलन का आह्वान करना चाहिए था. परन्तु यह सब नाम भर का दिखावा करके चुप्प हो गए.
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यदि इन विपक्षी पार्टियों के कुल वोट देखा जाए तो पिछले लोकसभा चुनाव में वह 51% से भी अधिक था, परन्तु यह सभी आज भी मुँह में दही जमा कर बैठे है.
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जब किसान नेताओं ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन को बढ़ाया है तब भी इन विपक्षी दलों के नेता व कार्यकर्ता केवल औपचारिकता पूरी कर रहे है. **जो काम इन विपक्षी दलों को करना चाहिए था उस कार्य को किसान नेता व आमजन कर रहा है.**
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अगली बार जब इन पार्टियों के नेता/कार्यकर्ता आपसे वोट मांगने आये तो इनसे पूछियेगा जरूर की राज्य सभा में फर्ज़ीवाड़े के बाद यह सब चुप्प क्यों थे.