Pawan Jury BhilwaraRj
यदि पीएम / सीएम मॉस्क का क़ानून निकाल देते है और लॉकडाउन चालू रखते है तो क्या हमारी समस्या का समाधान होगा ? नहीं !!
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"मॉस्क अनिवार्य" एक गलत क़ानून है। और मॉस्क नहीं पहनने पर पेनल्टी वसूल करना और भी ज्यादा अन्यायपूर्ण है। किन्तु तब भी असली समस्या लॉकडाउन है !!
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कारोबार और नागरिको को लॉकडाउन तोड़ रहा है, मास्क नहीं !! लॉकडाउन जितना ज्यादा लम्बा चलेगा, स्थानीय कारोबार टूटेगा और बड़ी / विदेशी कंपनियों का बाजार में हिस्सा बढ़ जायेगा। दुसरे शब्दों में, पेड मीडिया के प्रायोजक लॉकडाउन से पैसा बना रहे है, मास्क के क़ानून से नहीं।
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यदि आप मॉस्क के खिलाफ है किन्तु पीएम / सीएम को लॉकडाउन ख़त्म करने के लिए नहीं "कह" रहे है, तो इसका अर्थ है कि, आप सिर्फ मास्क का विरोध कर रहे है लॉकडाउन का नही।
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और तब पीएम / सीएम मास्क का क़ानून निकाल देंगे और लॉकडाउन जारी रखेंगे !! बल्कि शायद वे लॉकडाउन की अवधि और भी बढ़ा दें, क्योंकि उनके पास यह मानने की पर्याप्त वजह होगी कि -- लोग मास्क के खिलाफ है, लॉकडाउन के नहीं !!
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अत: यदि आप "मास्क अनिवार्य" क़ानून के खिलाफ है तब भी आपको पहले पीएम / सीएम को लॉकडाउन ख़त्म करने के लिए कहना चाहिए, मास्क का नंबर इसके बाद आता है।
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यदि कोई कार्यकर्ता मास्क के कानून की खिलाफत पूरे जोर शोर से कर रहा है, किन्तु पीएम / सीएम को लॉकडाउन ख़त्म करने को "नहीं" कह रहा है तो सम्भावना है कि -- अमुक कार्यकर्ता "जानबूझकर" नागरिको का ध्यान लॉकडाउन से हटाने के लिए उन्हें "सिर्फ मास्क का विरोध" करने की और ठेल रहा है, ताकि लॉकडाउन जारी रहे।
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कृपया पीएम / सीएम को लॉकडाउन ख़त्म करने को कहें। "कहने" का तरीका क्या होना चाहिए इस बारे में आप फैसला करें। किन्तु तरीका ऐसा होना चाहिए जिसका इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा नागरिक कर सके और उन्हें न्यूनतम असुविधा हो।
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मेरा सुझाव पोस्टकार्ड एवं ट्विट भेजने का है।
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