Pawan Jury BhilwaraRj
फेसबुक, एंड्राइड, यू ट्यूब आदि सॉफ्ट पोर्न क्लिपिंग्स, मूवीज़ आदि को बूस्ट कर रहे है। वे यूजर्स की फोन स्क्रीन पर अश्लील वीडियोज इस तरह फेंक रहे है कि यूजर्स को इससे बचने के लिए विशेष प्रयास करने पड़ते है। मोबाइल फोन यूज करने वाले बच्चे जल्दी ही इसके आदि हो जायेंगे।
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जैसे जैसे ऍफ़डीआई आएगी वैसे वैसे नंगई, अश्लीलता, फूहड़ता आदि का स्तर बढ़ता जाएगा और इसे "सामाजिक स्वीकार्यता" मिलेगी !!
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सोनिया-मोदी-केजरीवाल एवं इनके सभी अंधभगत ऍफ़डीआई के हमेशा से समर्थक रहे है, और वे उन सभी कानूनों का विरोध कर रहे है, जिन्हें गेजेट में छापकर सॉफ्ट पोर्न एवं फूहड़ता को "सामाजिक स्वीकार्यता" मिलने की प्रक्रिया को रोका जा सके।
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हम जल्दी ही सोशल मीडिया को नियंत्रित करने और इसे साफ़ सुथरा बनाने के लिए क़ानून ड्राफ्ट प्रस्तुत करेंगे।
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