Pawan Jury BhilwaraRj
यदि सेब के डब्बों एवं सेब पर जो स्टिकर लगाए जाते है उन पर पिन कोड एवं जिले का नाम लिखना अनिवार्य कर दिया जाए एवं बिना स्टिकर की खेप को जब्त करने या दण्डित करने का क़ानून बना दिया जाए तो उपभोक्ता यह जान सकेगा कि अमुक सेब कश्मीर से आया है या जम्मू / हिमाचल से। और फिर इस तरह की घटना होने पर उपभोक्ता यह फैसला कर सकता है , कि उसे क्या करना है !! व्यापारिक घाटा या मौद्रिक नुकसान सबसे मारक चोट करता है। इससे आतंकी अचानक उनके लिए घाटा देने वाले बन जाएंगे।
.
समस्या यह है कि जब कांग्रेस सत्ता में थी तो सेब उत्पादकों का कार्टेल और होलसेलर इस तरह का क़ानून न छापने के लिए कांग्रेस के नेताओं को काफी घूस देते थे। अब यह पैसा कौन ले रहा है इस बारे में कुछ मालूम नहीं है। यदि अब भी ये हफ्ता कांग्रेस के नेता ही वसूल रहे है तो यह ठीक बात नहीं है। संघ=बीजेपी के राष्ट्रवादी नेताओ और कार्यकर्ताओ से हमारा आग्रह है कि यदि उन्हें कोई दिक्कत न हो तो कृपया इस क़ानून को गैजेट में प्रकाशित करवाएं।
.
=======