> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2019-02-15

Pawan Jury BhilwaraRj

मोदी साहेब ने विपक्ष के शीर्ष नेता रहते हुए एक बेहद गिरी हुयी हरकत करनी शुरू की - उन्होंने आतंकियों द्वारा किये गए हमलो को "प्रधानमंत्री की कायरता" से जोड़ा !! संघ=बीजेपी के कार्यकर्ता यह हरकत 1950 से ही करते आये है , किन्तु किसी शीर्ष नेता द्वारा ऐसा करने की पहल सबसे पहले मोदी साहेब ने की !!
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संघ=बीजेपी के कार्यकर्ता शुरू से ही यह कहते आये है कि आतंकियों द्वारा किये जाने वाले हमलो का कारण यह है कि, भारत का पीएम कायर और डरपोक है, लेकिन बीजेपी=संघ के शीर्ष नेताओ जैसे वाजपेयी एवं आडवाणी ने इस तरह के घटिया बयान कभी नहीं दिए।
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और जब वाजपेयी पीएम थे और भारत पर एक के बाद आतंकी हमले हुए तब भी कोंग्रेस के किसी शीर्ष नेता ने इस तरह के आरोप नहीं लगाए कि संघ के मंत्री कायर एवं डरपोक है।
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लेकिन मोदी साहेब में ये विशिष्ट प्रकृति है कि उन्होंने राजनैतिक माइलेज लेने के लिए यह शर्मनाक हरकत शुरू की। उन्होंने 2011 से ही इस आशय के बयान देने शुरू किये कि भारत के मंत्री एवं प्रधानमंत्री डरपोक है !! जब वे इस प्रकार के एलान देते थे कि, "हमें पाकिस्तान को लव लेटर लिखने बंद करने चाहिए" एवं पाकिस्तान को उनकी भाषा में जवाब देना चाहिए" तो दरअसल वे यह दिखाना चाहते थे कि भारत के पीएम एक कायर आदमी है , और इसी वजह से भारत पर आतंकी हमले हो रहे है , और इसका समाधान यह है कि उनके जैसे किसी बहादुर आदमी को पीएम बनाया जाए !! और जैसे ही उनके जैसे बहादुर आदमी पीएम की कुर्सी पर जाएगा वैसे ही जादू की तरह आतंकी हमले बंद हो जायेंगे !!
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यदि संघ=बीजेपी के कार्यकर्ता इस तरह की शर्मनाक हरकते करते है तो इसकी अवहेलना की जा सकती है , किन्तु किसी शीर्ष नेता को इस तरह की घटिया हरकत करने से बचना चाहिए। वोट लेने के लिए इस तरह का धूर्त व्यवहार करना प्रशस्त नही है।
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और अब विपक्ष मोदी साहेब से यह पुछ सकता है कि आपके 56 इंच के सीने का अब हम कौनसा अचार डाले ? शहीद हुए 40 सैनिको के परिवार वालो को आप यह बात कैसे समझायेंगे कि आप एक बहादुर आदमी है जबकि पूर्ववर्ती सभी पीएम कायर थे !! या आपका 56 इंच का सीना पिचक कर अचानक 5 इंच का हो गया है !! या ये हमेशा से 5 इंच का ही था लेकिन पेड मीडिया एवं आपकी आई टी सेल इसमें हवा भरकर 56 इंच दिखा रहे थे ? ये सब कहते हुए अच्छा नहीं लगता और हम यह सब कहना भी नहीं चाहते। क्योंकि यह गिर कर दिखाने की लड़ाई है, और इसमें वही जीतता है, जिसमे ज्यादा गिर कर दिखाने और ज्यादा गाली गलौज करने की प्रकृति हो। जाहिर है इसमें जीतना आपको ही है।
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हम इस बात पर ध्यान केन्द्रित करना चाहते है कि कश्मीर एक गंभीर मुद्दा है, और इसका समाधान सिर्फ उन कानूनों को गेजेट में छापने से आ सकता है, जिससे भारत में तकनिकी निर्माण में वृद्धि हो। स्थानीय निर्माण सुधरने से हथियारों के निर्माण में सुधार आएगा, और सेना के मजबूत होने से हम कश्मीर समस्या का समाधान कर सकते है।
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तो मेरा सभी कार्यकर्ताओ से आग्रह है कि वे मोदी साहेब पर तंज कसने की जगह उन कानूनों को गेजेट में प्रकाशित करवाने का प्रयास करें जिससे भारत की सेना मजबूत हो।
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स्वदेशी हथियारों के निर्माण को बढावा देने के लिए आवश्यक क़ानून यहाँ देखें - <https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1981902295261330>;
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