Pawan Jury BhilwaraRj
सभी रिकालिस्ट्स चुनाव लड़ने का प्रयास करें। यदि आप चुनाव नहीं लड़ेंगे तो जूरी सिस्टम , वेल्थ टेक्स और एम आर सी एम कानूनों की मांग आगे नहीं बढ़ेगी , यही पर घूमती रहेगी।
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मेरा मानना है कि रिकालिस्ट्स का सबसे पहला लक्ष्य 545 सीटो पर चुनाव लड़ने के लिए कार्यकर्ताओ को तैयार करने का होना चाहिए। जब तक राईट टू रिकॉल , जूरी सिस्टम कानूनों की मांग को लेकर कार्यकर्ता चुनावों में नहीं उतरेंगे तब तक इन कानूनों की मांग आगे बढ़ने वाली नहीं है। और यदि कार्यकर्ता 100-50 सीटो पर चुनाव लड़ते है तब भी कोई विशेष बदलाव नहीं आएगा। जब तक कार्यकर्ता कम से कम 500 सीटो पर चुनाव नहीं लड़ते तब तक मतदाता राईट टू रिकॉल पार्टी को एक विकल्प के रूप से स्वीकार करना शुरू नहीं करेगा। यदि राईट टू रिकॉल, जूरी सिस्टम के मुद्दों पर 500 सीटो पर उम्मीदवार चुनाव लड़ते है तो मतदाताओ में यह उम्मीद पैदा होना शुरू हो जायेगी कि भारत में ये क़ानून लागू हो सकते है।
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तो जो भी कार्यकर्ता इन कानूनों की मांग को आगे बढाने के प्रति गंभीर है उन्हें आगामी लोकसभा चुनावों में चुनाव अवश्य लड़ना चाहिए। यदि वे चुनाव लड़ने की स्थिति में नहीं है तो वे अपने संसदीय क्षेत्र से किसी अन्य कार्यकर्ता को चुनाव लड़ने के लिए तैयार करें।
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