> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2018-10-10

Pawan Jury BhilwaraRj

गुजरात में उत्तर भारतीयों के साथ हिंसा का मुख्य कारण है --- पुलिस एवं अदालतों में व्याप्त अकूत भ्रष्टाचार एवं इस भ्रष्टाचार से उत्पन्न बेरोजगारी।
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सोनिया-मोदी-केजरीवाल जैसे नेताओं के भ्रष्टचार के कारण पुलिस विभाग पर धारा 498, घरेलू हिंसा , शराबबंदी , अफीम बंदी इत्यादि मामलो का अतिरिक्त दवाब हो गया है। और इसलिए पुलिस के पास महिलाओ के विरुद्ध अपराधों में लिप्त असली मुजरिमों को पकड़ने का न तो समय है , और ना ही उनकी रूचि है। प्रस्तावित समाधान -- राइट टू रिकॉल पुलिस कमिश्नर, पुलिस विभाग की शिकायतों पर जूरी सिस्टम और सभी हिंसा के मुकदमों में जूरी द्वारा सुनवाई अनिवार्य करना। जूरी सिस्टम ड्राफ्ट का लिंक -- <https://newindia.in/causes/JurySys3>;
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इसके अलावा जमीनों की ऊँची कीमतों के कारण बाहर से आकर काम करने वाले मजदूर लोग अपने परिवार को शहरों में नहीं ला पाते है।
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और फिर सोनिया-मोदी-केजरीवाल जैसे नेताओं , इनके कार्यकर्ताओं , पुलिस और जजों के भ्रष्टाचार के कारण भारत के शहरों में कॉमर्सियल सेक्स में ऊपरी खर्चा (करीब 100% से 200 % तक ) बहुत ज्यादा है , जो इसे और महंगा बनाता है।
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और नतीजे में, बढ़ती बेरोजगारी के चलते अधिकतर गुजराती युवा गैर-गुजराती मजदूरों के विरोधी बन गए है।
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2011 में युवाओं को जनलोकपाल जैसे फर्जी आंदोलन ने भ्रष्टाचार समाप्त करने के नाम पर गुमराह करके ये बताया गया था कि लोकपाल के आने से भ्रष्टाचार शून्य हो जायेगा और भ्रष्टाचार शून्य होने से बेरोजगारी और अपराध भी गायब हो जायेंगे। आगे इसी कड़ी में जनवरी 2013 से लेकर मई 2014 तक युवाओं को मोदी साहेब के कल्कि रूप को प्रचार करके जनता को गुमराह किया गया कि मोदी साहेब के गद्दी पर आते ही सभी समस्याएं जादुई तरीके से समाप्त हो जायेगी। मैं और अधिकाँश रिकालिस्ट मोदी साहेब के वादों और जनलोकपाल जैसी नौटंकियों को हमेशा से बकवास नंबर 1 मानते आए है। मेरे अनुसार कार्यकर्ताओं को वास्तविक समाधान जैसे जूरी सिस्टम, राइट टू रिकॉल पुलिस कमिश्नर / जज / मुख्यमंत्री आदि, एवं सभी हिंसक मामलों में नार्को टेस्ट इन पब्लिक, जमीनों पर संपत्ति कर, MRCM इत्यादि कानूनी ड्राफ्ट्स पर ध्यान देना चाहिए और इनका प्रचार करना चाहिए। लेकिन सोनिया-मोदी-केजरीवाल के भक्तों ने इन सभी ड्राफ्ट्स का मजाक बनाते हुए कार्यकर्ताओं को इनका विरोध करने और सोनिया-मोदी-केजरीवाल की पूजा करने के लिए उकसाया।
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और नतीजे के रूप में अब हमारे सामने एक ज्वलनशील मुद्दा खड़ा है जहाँ एक तरफ एक गैर स्थानिक मजदूर द्वारा किये गए 14 महीने की बच्ची के साथ बलात्कार की आग तेजी से बढ़ रही है , और बढ़ रही बेरोजगारी इसमें घी डालने का काम कर रही है।
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समाधान है --कार्यकर्ताओं को सोनिया-मोदी-केजरीवाल की पूजा करना छोड़ कर उपरोक्त कानूनी ड्राफ्ट्स का प्रचार करना चाहिए।
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आप इन कानूनो को भारत में लाने के लिए क्या कर सकते हैं ?
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मेरी कवर पिक्चर पर क्लिक करें और उसके विवरण में प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट्स की लिंक देखें। शुरुआत के तौर पर आप MRCM= Minerals3 कानूनी ड्राफ्ट का समर्थन <https://newindia.in/causes/Minerals3>; पर जाकर वोट करके करें।
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