Pawan Jury BhilwaraRj
धारा 497 का निरसन - सुप्रीम कोर्ट के भ्रष्ट जजों को सुधारने के लिए हमें "राईट टू रिकॉल सुप्रीम कोर्ट जज" का क़ानून चाहिए। ताकि बदतमीजी करने पर जनता इन्हे लात मार कर बाहर कर सके। यदि आप भारत के जजों को कोस रहे हो लेकिन ऐसे किसी क़ानून की मांग नहीं कर रहे हो जिससे इन भ्र्ष्ट जजों को सुधारा जा सके तो अल्टीमेटली इससे कोई बदलाव नहीं आएगा। आपको इतना सोचने की जहमत तो उठानी ही पड़ेगी कि किस तरह का कानून न होने की वजह से सुप्रीम कोर्ट के जज छुट्टे सांडो की तरह व्यवहार कर रहे है , और किस तरह का क़ानून आने से ये तमीज से पेश आने लगेंगे।
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भारत में तलाक लेने के लिए वर्षो लग जाते है। अब जजों ने इस धारा को तो समाप्त कर दिया , लेकिन इस तरह का कोई प्रावधान नहीं दिया कि विवाहेतर सम्बन्ध सामने आने या स्वीकार करने पर पीड़ित यदि चाहे तो वह तुरंत तलाक ले सकेगा। तो अभी इस तरह के संबध जाहिर होने के बाद भी दम्पत्ति को वर्षो साथ रहने की पीड़ा भुगतनी पड़ेगी !!
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मेरा प्रस्ताव है कि - सभी मुकदमो की सुनवाई जूरी करे। जूरी मामले के हिसाब से यह तय कर सकती है , कि क्या फैसला दिया जाना चाहिए। ज्यूरी सिस्टम एवं राइट टू रिकॉल जज का ड्राफ्ट इस लिंक पर देखें -- <https://www.facebook.com/527176697460529/posts/563544197157112/>
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