Pawan Jury BhilwaraRj
राजनैतिक समस्याओ के समाधान में रुचि रखने वाले रिकालिस्ट्स को ऐसे किसी भी राजनैतिक कार्यकर्ता को गम्भीरता से 'नही' लेना चाहिए जो किसी भी राजनैतिक पार्टी का “खुला” समर्थक नही है।
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खुले समर्थन से आशय ; अमुक कार्यकर्ता को सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करना चाहिए कि --
१) अगले चुनाव में वह किस पार्टी को वोट करने वाला है , या
२) किस पार्टी को वोट नहीं करने वाला है , या
३) उसने पिछले चुनाव में किस पार्टी को वोट किया था
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इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए कि किसी पार्टी का समर्थन करने का मतलब उसे "वोट करने" से है। यदि कोई व्यक्ति निरंतर किसी पार्टी X को कोसता है किन्तु वोट उसी पार्टी को देता है , तो यह मानकर चलना चाहिए कि अमुक व्यक्ति पार्टी X का ही समर्थक है। क्योंकि राजनीति में वोट करना ही एकमात्र तरीका है जिसके माध्यम से मतदाता किसी पार्टी के प्रति समर्थन या विरोध प्रदर्शित करता है।
यदि अमुक कार्यकर्ता ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वह किस पार्टी को वोट करेगा तो उसे यह बात भी स्पष्ट करनी चाहिए , कि उसने अब तक यह तय नहीं किया है। कार्यकर्ता यदि चाहे तो अपना स्टेण्ड किसी भी समय बदल सकता है। किन्तु जब वह अपना स्टेण्ड बदले तो उसे यह बात भी सार्वजनिक रूप से लिखनी चाहिए।
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कार्यकर्ताओ को अपने फेसबुक प्रोफाइल पर "मेरा वोटिंग स्टेण्ड" या "मैं जिस राजनैतिक पार्टी का वोटर हूँ" नाम से एक एल्बम बनाना चाहिए, तथा अपना वोटिंग स्टेण्ड इस एल्बम में अपडेट करते रहना चाहिए।
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