> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2018-08-28

Pawan Jury BhilwaraRj

क्या भारत की ईवीएम के साथ छेड़खानी की जा सकती है ?
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evm इंटरनेट से कनेक्ट नहीं होता अत: इसे सुदूर बैठ कर मैनिपुलेट नहीं किया जा सकता। किन्तु evm एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है अत: इसे टीवी / ए सी आदि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तरह रिमोट से कमांड देकर ऑपरेट किया जा सकता है। किन्तु जिस तरह अमुक टीवी को अमुक रिमोट से ही कमांड दी जा सकती है , अन्य रिमोट से नहीं , उसी तरह से इवीएम को भी रिमोट से वही व्यक्ति ओपरेट कर सकता है जिसे इवीएम में रिसीवर रखने का मौका मिला हो।
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इवीएम में रिसीवर इंस्टाल करने का मौका किसे मिल सकता है ?
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1) वे इंजिनियर जो चुनाव आयोग के लिए इवीएम का निर्माण करते है , उनके पास इसके लिए पर्याप्त मौका होता है।
2) जिस कम्पनी के पास इवीएम के ट्रांसपोर्टेशन का ठेका है।
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इवीएम बेंगलोर में बनती है और इन्हें ट्रको पर लाद कर देश भर के राज्यों में भेजा जाता है। चुनाव आयोग इस लदान के लिए निजी ट्रांसपोर्टर का इस्तेमाल करता है। अत: 3-4 दिन तक इवीएम ट्रांसपोर्टर के हवाले रहती है। मतलब , यदि X चुनाव आयोग एवं अमुक कम्पनी से मिली भगत बना लेता है तो इवीएम में बड़े पैमाने पर छेड़खानी की जा सकती है। और इसे कभी भी पकड़ा नहीं जा सकता। क्योंकि मेनिपुलेशन की जांच चुनाव आयोग ही करता है !!
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उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग खुद यह बात बात मानता है कि यदि किसी इलेक्ट्रोनिक इंजिनियर को 10 मिनिट के लिए इवीएम दे दिया जाए तो वह इसे रिमोट द्वारा ओपरेट कर सकता है। लेकिन चुनाव आयोग का दावा है कि चुनाव आयोग के सभी कर्मचारी एवं ट्रांसपोर्टर इतने ईमानदार है कि वे यह ऐसी छेड़खानी कभी नहीं करते। तो जब भी चुनाव आयोग इवीएम हेक करने की चुनौती देता है तब वह इवीएम किसी को छूने नहीं देता। और इवीएम को वही मेनिपुलेट कर सकता है जिसे इवीएम छूने का मौका मिला हो !!
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2009 में इंजिनियर हरि प्रसाद ने एक इवीएम जुटाई और इसके वोट्स को रिमोट से बदल कर दिखाया था। इसका वीडियो यू ट्यूब पर देखा जा सकता है। चुनाव आयोग ने बिना अनुमति इवीएम छूने के जुर्म में उन पर चोरी का मुकदमा डाल कर जेल पहुंचा दिया।
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कुल मिलाकर इवीएम को सिर्फ चुनाव आयोग ही मनिपुलेट कर सकता है। यदि भारतीय चुनाव आयोग के सभी अधिकारी ईमानदार है तो इवीएम के साथ छेड़खानी नहीं होगी , और यदि वे भ्रष्ट है तो इवीएम को मेनुपुलेट किया जा सकता है।
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तो इस हिसाब से जब बीजेपी सत्ता में रहेगी तो विपक्ष के लिए चुनाव आयोग भ्रष्ट रहेगा और इवीएम को मेनिपुलेट किया जा सकेगा . बीजेपी लेकिन कोंग्रेस के सत्ता में आते ही कोंग्रेस के लिए चुनाव आयोग ईमानदार एवं बीजेपी के लिए भ्रष्ट हो जाएगा। बीजेपी एवं कांग्रेस के अंध भगत भी अपने नेताओ का रुख देखकर इसी तरह से अपना स्टेंड बदलते रहते है।
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