Pawan Jury BhilwaraRj
NRC ड्राफ्ट का बांग्लादेशी घुसपेठियो को "खदेड़ने" से कोई लेना देना नहीं है। यह नाटक देश में 2 करोड़ बांग्लादेशी घुसपेठियो को बसाये रखने और उन्हें न खदेड़ने के लिए पिछले कई दशको से चलाया जा रहा है।
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कोंग्रेस और स्थानीय पार्टियों ने इस मुद्दे पर काफी वोट बटोरे और अब इस मुद्दे को संघ=बीजेपी ने लपक लिया है। प्रचार कुछ इस तरह का है कि NRC ड्राफ्ट बांग्लादेशी घुसपेठियो को देश से बाहर खदेड़ने के लिए है। जबकि स्थिति इसके बिलकुल उलट है।
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NRC ड्राफ्ट क्या है ?
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NRC ड्राफ्ट मतदाताओ की एक सूची है जो यह निर्धारित करती है कि 24 मार्च 1971 तक असम की मतदाता सूचियों में किनका नाम था और किनका नाम नहीं था। बस यह इतना ही है। ड्राफ्ट में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है कि जिन लोगो के नाम इस सूची में नहीं है उन्हें कितने समय में देश से बाहर भेजा जाएगा और उन्हें क्या सजा मिलेगी या उनका क्या किया जाएगा !!
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सुप्रीम कोर्ट जज रंजन गोगोई ने कहा है कि -- "We will see if it is fair or not. Then only we will decide. If something needs to be done, we will do it," ( मतलब, फाइनल फैसला हम ही करेंगे। )
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इस प्रक्रिया में सबसे बड़ी खामी यह है कि बांग्लादेश में हो रहे दमन के कारण अपनी जान बचाकर भारत में शरण लिए हिन्दुओ के लिए इस लिस्ट में कोई अलग से प्रावधान नहीं है। अत: घुसपेठियो और शर्णार्थियो को एक ही तरह से ट्रीट करता है।
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हमने जो समाधान प्रस्तावित किया है वह इससे ज्यादा बेहतर है , एवं त्वरित गति से काम करेगा। बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका, म्यांमार आदि से आने वाले घुसपैठियों को निकालने और शरणार्थियों को शरण देने के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट यहाँ पढ़ें ---- <https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1454131491371749>
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