> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2018-05-23

Pawan Jury BhilwaraRj

क्यों मोदी साहेब के अंध भगतो और संघ के कार्यकर्ताओ को पेट्रोल के दाम 1000 रूपये प्रति लीटर हो जाने तक कोई समस्या नहीं आएगी ? क्योंकि , जब सवार गाडी चलाते समय "हर हर मोदी घर घर मोदी" का पुकारा लगाता है तो वाहन का एवरेज एकदम से बढ़ जाता है !!!
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2014 से पहले तक मोदी साहेब के अंध भगत और संघ के कार्यकर्ता पेट्रोल के दाम बढ़ने पर काफी नारे लगा रहे थे , लेकिन इन दिनों वे खामोश है। क्यों ?
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क्योंकि जून -2014, में सभी वाहन निर्माता कम्पनियो ने पुराने एवं नए वाहनों में एक एक्स्ट्रा डिवाइस लगा दिया था। यदि सवार "हर हर मोदी घर घर मोदी" का नारा लगाता है तो यह डिवाइस दुपहिये वाहन का एवरेज बढ़ाकर 50 पैसे प्रति किमी और कारो का 1 रूपये प्रति किमी कर देता है।
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तो जब पेट्रोल का दाम 60 रूपये प्रति लीटर से बढ़कर 80 रूपये होता है तो मोदी साहेब के अंध भगत एवं संघ के कार्यकर्ता "मोदी-मोदी-मोदी-मोदी" का नारा लगाकर अपना एवरेज बढ़ा लेते है। और इसी वजह से उन्हें पेट्रोल के दाम बढ़ने से किसी प्रकार की तकलीफ महसूस नहीं होती।
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यह डिवाइस पेट्रोल के दाम 1000 प्रति लीटर तक ही काम करेगा। ( हाँ , आपने सही पढ़ा है -- 1000 रूपये , टाइपिंग मिस्टेक नहीं है )
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लेकिन उन लोगो का क्या जो मोदी साहेब के अंध भगत एवं संघ के कार्यकर्ता नहीं है ?
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देखो , उनकी तरफ से ये लोग चाहे तो सिकने के लिए भाड़ में छलांग लगा सकते है। वैसे भी जो मोदी साहेब का अंध भगत नहीं है वह एंटी नेशनल ही है। इसकी तस्दीक आप मोदी साहेब के अंध भगतो और संघ के कार्यकर्ताओ से कर सकते है। तो हम एंटी नेशनल लोगो की परवाह कब तक करेंगे।
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एक व्यक्ति ने इस आशय की बात कही थी कि , "पाकिस्तान में पेट्रोल 51 रूपये लीटर है जबकि भारत में 80 !!! , और मोदी साहेब के अंध भगत ने जवाब दिया कि , "अच्छा !! तो तुम पाकिस्तान में जाकर क्यों नही सेट हो जाते" ? मैं अंध भगत के इस जवाब से सहमत हूँ।
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और जब आप किसी भी अंध भगत से पेट्रोल के दाम बढ़ने का समर्थन करने का कारण पूछेंगे तो वे आपको यह नहीं बताएँगे कि वे मोदी साहेब का नारा लगाकर अपना एवरेज बढ़ा ले रहे है , बल्कि आपको चरका देने के लिए पेट्रोल का दाम बढ़ना देश हित में है , इससे तरक्की होगी , विकास होगा , आदि जैसे तर्क देंगे !!
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पेट्रोल के दाम बढ़ने की समस्या का समाधान --- जीएसटी को हटाकर वेल्थ टेक्स लागू किया जाना चाहिए। किन्तु पेट्रोल पर टेक्स जारी रहेगा। इसके अलावा हमें उन कानूनों की जरूरत है जिससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट एवं फुटपाथ की दशा सुधारी जा सके। इससे वाहनों की जरूरत में कमी आएगी।
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इससे समस्या का समाधान कैसे होगा ? क्योंकि जीएसटी हटाकर वेल्थ टेक्स लाने से अन्य वस्तुओ पर टेक्स कम होने से कीमतें नीचे आ जाएगी , लेकिन वेल्थ टेक्स के कारण सरकार के खजाने में फिर भी ज्यादा पैसा आएगा।
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इस समय और यहाँ तक कि बाद में भी पेट्रोल पर लगाए गए टेक्स को कम क्यों नहीं किया जा सकता ? क्योंकि सरकार अभी बेहद ज्यादा घाटे में है और हमारे पास तेल आयात करने के लिए डॉलर नहीं है !! ऐसे हालात में पेट्रोल पर टेक्स घटाने की मांग जायज नहीं है।
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किन्तु समस्या यह है कि तेल एवं ऑटोमोबाइल कम्पनियां भारत में वाहनों एवं तेल की खपत को बढ़ाना चाहती है , अत: वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट एवं फुटपाथ को बढ़ावा देने वाले कानूनों को खिलाफ है। ये कम्पनिया बेहद शक्तिशाली है और हमारे देश की सभी पार्टियों का सुबह से शाम तक का खर्चा पानी इन्ही के चंदे से आता है। कोंग्रेस इन कम्पनियों से हफ्ता खाती थी और पब्लिक ट्रांसपोट सुधारने के कानूनों का विरोध करती थी , और सत्ता में आने के बाद संघ के कार्यकर्ताओ ने इस हफ्ते पर अपना कब्ज़ा कर लिया है। और जहां तक वेल्थ टेक्स की बात है तो देश की सभी पार्टियाँ , सारे जज, मंत्री, नेता, उद्योगपति , धनिक वर्ग और इनके टुकडो पर पर पलने वाले सभी कार्यकर्ता भारत में वेल्थ टेक्स लाने के सख्त खिलाफ है। यदि वेल्थ टेक्स आ जाता है तो ये सभी भ्रष्ट उद्योगपति एवं नेता रातों रात एक्सपोज हो जायेंगे।
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वेल्थ टेक्स के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट :
<https://web.facebook.com/ProposedLawsHindi/posts/575904979254367>;
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