Pawan Jury BhilwaraRj
येदुरप्पा ने प्रत्येक विधायक को 20 करोड़ की पेशकश की थी। विधायक राजी भी थे। लेकिन वे यह राशि 100-100 के नोटों में चाहते थे जबकि येदिरप्पा सभी नोट 2000 के देने पर अड़े हुए थे !! विधायको को अंदेशा था कि मोदी साहेब 1 जून 2018 को 2000 के नोट केंसिल कर देंगे और हम चित हो जायेंगे !!!
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येदुरप्पा ने 160 करोड़ के 2000 के नोटों को 100-100 के नोटों में कन्वर्ट करने की बहुत कोशिश की। लेकिन स्थानीय बैंको के पास इतनी बड़ी मात्रा में छोटे नोट नहीं थे। और इसी वजह से सौदा अटक गया।
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अंत में कोई उपाय होते न देख कुछ 5 विधायको ने 2000 के नोट लेना स्वीकार कर लिया। और अब येदुरप्पा उनसे 20 करोड़ रूपये लौटाने को कह रहे है !! ऐसे थोड़ी होता है भईया। एक बार पैसा हाथ से गया तो फिर गया बस !!!
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ख़ासा तमाशा बन रहा था , पर सुप्रीम कोर्ट ने बीच में आकर रंग उड़ा दिया। सुप्रीम कोर्ट के जजों को लगा कि पैसा लेने वाले विधायक भी जजों की तरह पैसा पकड़ने में काफी तेज तर्रार होंगे। अत: उन्होंने सोचा कि लेनदेन का मामला तो 2 घंटे में ही निपट जाएगा , 24 घंटे तो बहुत है। मी लार्ड , विधायक पैसा खींचने में तो माहिर है , लेकिन विश्वास मत के मामले में उनका मुंह काफी बड़ा होकर खुलता है , और फिर छोटे नोटों का चक्कर अलग से , ऊपर से सारी मिदियाकी निगाहें उनका पीछा कर रही थी , ऊपर से उनकी पार्टियो ने उन्हें पकड़ के रखा हुआ था , तो गफलत हो गयी !!
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