> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2018-04-08

Pawan Jury BhilwaraRj

सलमान खान की जमानत -- संघ के मंत्रियो एवं स्वयंसेवको ने इस मामले में कितनी घूस खायी होगी ?
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कांग्रेस के जमाने में यह खुली हुयी बात थी कि जो भी घूस इकट्ठी की जाती थी उसमे से लगभग 35% हिस्सा मुख्यमंत्री एवं अन्य शीर्ष मंत्रियो को जाता था। लेकिन 1 जनवरी 2014 से हालात बदल गए। अब मंत्रियो को भेजे जानी वाली यह राशि 50% हो गयी है। क्योंकि मंत्रियो को इसमें से 15% हिस्सा संघ के स्वयसेवको को देना होता है। 2013 तक पार्टी के छोटे कार्यकर्ताओ को इकट्ठी की गयी घूस में से कुछ भी नहीं मिलता था। लेकिन सोशल मीडिया ने आज कार्यकर्ताओ की ताकत इतनी बढ़ा दी है कि वे किसी पार्टी को टक्कर देने वाला राजनैतिक विकल्प खड़ा कर सकते है , एवं उनकी इसी क्षमता की वजह से आज मन्त्री जो पैसा इकट्ठा करते है उसमे से एक हिस्सा छोटे छोटे कार्यकर्ताओ को भी देना पड़ता है। और यह हिस्सा प्रत्येक कार्यकर्ता प्राप्त करता है।
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उदाहरण के लिए आज संघ के स्वयंसेवक चाहे तो सोशल मीडिया के माधयम से मोदी साहेब को टक्कर देने वाला एक राजनैतिक विकल्प खड़ा कर सकते है , लेकिन 2013 से पहले ऐसा करना संभव नहीं था। तो आज मोदी साहेब जितनी भी घूस इकट्ठी करते है, उसमे से एक हिस्सा उन्हें 40 लाख स्वयंसेवको को भी देना होता है।
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यह सच्चाई है। कांग्रेस के दिनों में भी यह सच था, और बीजेपी के दौर में भी यही परम्परा बनी हुयी है। फर्क सिर्फ इतना आया है कि अब कांग्रेस की जगह घूस में हिस्सा लेने वाले संघ के मंत्री एवं स्वंयसेवक है। क्योंकि राजस्थान सरकार इस समय संघ के नेताओ के नियंत्रण में है। तो पब्लिक प्रोसिक्यूटर द्वारा लिये गए पैसे में से एक बड़ा हिस्सा संघ के नेताओ एवं स्वयंसेवको की जेब में गया है। जज एवं पुलिस अधिकारियो द्वारा वसूली गयी घूस अलग से है।
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