Pawan Jury BhilwaraRj
कैसे मोदी साहेब और संघ के स्वयंसेवक निजी स्कूलों की फ़ीस तय करने के नाम पर उनसे घूस वसूल रहे है !!
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मोदी साहेब ने जो क़ानून लागू किया है उसके अनुसार यदि कोई स्कूल सालाना 18,000 रू से ज्यादा फ़ीस लेना चाहता है तो स्कूल को इसके लिए संघ के कार्यकर्ताओ की कमेटी से अनुमति लेनी पड़ेगी !!!
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किसी स्कूल ने कक्षा 1 के लिए 1,15,000 रू सालाना फ़ीस की अनुमति मांगी थी , कमेटी ने उन्हें 1,15,000 रू वसूलने की अनुमति तो नहीं दी , लेकिन वे 85,000 रू सालाना की अनुमति लेने में सफल रहे !!! इसी तरह से कई स्कूलों को 20,000 से 50,000 रू की अनुमति दी गयी।
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फ़ीस तय करने का पूरा अधिकार संघ के कार्यकर्ताओ के पास है। इस कमेटी की नियुक्ति मोदी साहेब द्वारा ही की जाती है !!
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तो आप खुद अंदाजा लगा सकते है कि , मोदी साहेब एवं संघ के स्वयं सेवक स्कूलों की फ़ीस तय करने के मामले में कितना पैसा बना रहे है।
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फिलहाल यह कानून गुजरात में ही लागू किया गया है। लेकिन जल्दी ही योगी जी भी इस तरह का क़ानून लाने को उतावले है।
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