> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2018-04-04

Pawan Jury BhilwaraRj

मोदी साहेब ने देश के सामने यह झूठ बोला कि वे पिछड़ी जाति के है --- लेकिन मोदी साहेब की जाति "मोढ घांची" को ओबीसी का स्टेटस उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद 2002 में मिला था।
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मोदी साहेब ने वोट खींचने के लिए पूरे देश में घूम घूम कर कहा कि , "मैं पिछड़ी जाति में पैदा हुआ था" !! और इस तरह उन्होंने अपनी जाति को आधार बनाकर वोट मांगे। यदि वे ऐसा नहीं करते तो मैं उनकी जाति पर कोई टिपण्णी नहीं करता।
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तकनिकी रूप से मोदी साहेब की जाति को ओबीसी के रूप में लिस्ट करने की प्रक्रिया जब मोदी साहेब के मुख्यमंत्री बनने के 2 माह पूर्व ही शुरू की गयी थी , तब मोदी साहेब और आडवाणी जी केशुभाई पटेल को हटाकर मोदी साहेब को मुख्यमंत्री बनाने की योजना पर काम कर रहे थे। और मोदी साहेब और आडवाणी जी की इस मुहीम में उन्हें आप्रवासी भारतीयों की और से पर्याप्त मदद आ रही थी। मोढ घांची को ओबीसी में शामिल किया गया था ताकि केशुभाई के खिलाफ ओबीसी कार्ड खेला जा सके , और बाद में मोढ घांची को ओबीसी में जोड़ दिया गया।
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मोढ घांची तेल बेचने के कारोबार में रहे है। मोढ शब्द से मायने है -- कारोबारी , सेठ या समृद्ध व्यक्ति। और मोढ घांची कभी भी सामाजिक या आर्थिक रूप से पिछड़े हुए नहीं रहे। हालांकि मोढ घांची ज्यादा शिक्षित नहीं थे, लेकिन उसकी वजह यह थी कि इस जाति के लोगो के पास बहुधा जमा जमाया कारोबार होता था अत: वे अपने बच्चो को अपने घर के धंधे में लगाने में ही रुचि लेते थे। असल में मोढ घांची का दर्जा वैश्य समुदाय के समकक्ष है। 1950 के दशक में जब जाति व्यवस्था काफी मजबूत थी , तब भी मोढ घांची एवं मोढ वणिक के बीच वैवाहिक सम्बन्ध होने के सैंकड़ो उदाहरण है। इससे इस बात की पुष्टि होती है कि मोढ घांची वैश्यों की तरह ही माने जाते थे और उनके सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े होने की बात गले उतारना मुश्किल है।
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जब 1994 में विहिप के कुछ कार्यकर्ताओ के माध्यम से यह बात सामने आयी थी कि मोदी साहेब राम, कृष्ण , विश्वनाथ मंदिर के निर्माण के लिए भारत में जनमत संग्रह करवाने का विरोध कर रहे है , और उनकी मंशा यह है कि यदि मंदिर बनाना है तो संसद में बहुमत लाकर ही बनाया जाना चाहिए , उसी समय यह बात साफ़ हो गयी थी कि मोदी साहेब को मंदिर निर्माण में कोई रुचि नहीं है , और वे सिर्फ इस मुद्दे पर पब्लिक को बुत्ता देकर वोट खींचना चाहते है। लेकिन तब भी उनकी जाति हमारे लिए कोई मुद्दा नहीं थी। लेकिन 2009 मोदी साहेब ने SC/ST/OBC के वोट खींचने के लिए यह पुकारें लगानी शुरु की, कि "मैं पिछड़ा हूँ , मैं पिछड़ा हूँ , मैं पिछडे हुओ का बेटा हूँ" , और संघ के सभी स्वयंसेवकों ने भी उनके इस झूठ का प्रचार करना शुरू किया तो अब नागरिको को यह जानकारी देना आवश्यक हो जाता है , कि मोदी साहेब पिछड़े हुए नहीं है , बल्कि वे राजनैतिक लाभ लेने के लिए पूरे देश में यह झूठ फैला रहे है कि वे पिछड़े वर्ग से आते है।
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