> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2018-04-01

Pawan Jury BhilwaraRj

फेसबुक पर मौजूद फेक प्रोफाइल्स को डिलीट करने का अभियान चलाने की जगह सयाने लोग फेसबुक को डिलीट करने का अभियान क्यों चला रहे है ? क्योंकि, वे उन "सच्ची खबरों" से डरे हुए है जिन्हें फ़ैलाने के लिए कार्यकर्ता फेसबुक का इस्तेमाल कर रहे है !!!
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फेक न्यूज फेसबुक की फेक प्रोफाइल एवं उन पेजों से सर्कुलेट की जाती है , जिनके admins की जानकारी छिपाई गयी है। इस समस्या का निस्तारण दिए गए तरीके से आसानी से किया जा सकता है --

(a) यूजर को यह सुविधा दी जानी चाहिए कि यदि वह चाहे तो अपनी प्रोफाइल को अपनी किसी आई डी जैसे लाइसेंस , वोटर आई डी , पासपोर्ट या आधार कार्ड से लिंक कर सके।
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(b) जब कोई यूजर किसी व्यक्ति की प्रोफाइल को देखेगा कि यह प्रोफाइल किसी आई डी से लिंक्ड है या नहीं, तो वह अमुक प्रोफाइल को फ़ॉलो करने या न करने का फैसला कर सकता है।
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(c) जब व्यक्ति किसी फेक प्रोफाइल को देखता है लेकिन वह यह जानता है कि यह व्यक्ति कौन है, तो वह अमुक प्रोफाइल को फ़ॉलो करने या न करने का फैसला कर सकता है।
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(d) यूजर ऐसी फेक प्रोफाइल्स को अन फ़ॉलो कर सकता है जिनके बारे में वह नहीं जानता।
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(e) इसके अलावा फेसबुक ऐसा फीचर ला सकता है , जिससे यह प्रदर्शित हो कि अमुक प्रोफाइल को कितने वेरिफाइड यूजर्स ने लाइक किया है , एवं लाइक करने वालो में कितने यूजर्स अन वेरीफाईड है। उदाहरण के लिए , "likes by verified profiles = N" एवं "likes by unverified profiles = M" से चिन्हित किया जा सकता है।

इन उपायों से अन वेरीफाईड एवं फेक प्रोफाइल्स का प्रभाव कम से कमतर होता चला जाएगा।
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लेकिन जो भी महाशय फेसबुक पर फेक न्यूज के खिलाफ पुकारा लगा रहे है , वे इन प्रस्तावित बदलावों का विरोध कर रहे है। वे सरकार द्वारा फेक न्यूज एवं फेक प्रोफाइल को कंट्रोल करवाना चाहते है !! या वे फेसबुक को डिलीट करने का अभियान चलाते है !!!
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क्यों ?
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क्योंकि उन्हें फेक न्यूज से भय नहीं है , बल्कि वे उन सच्ची खबरों से भयभीत है जिन्हें फेसबुक के माध्यम से फैलाया जा रहा है।
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उदाहरण के लिए -- यह एक तथ्य है कि पिछले 70 वर्षो से जवाहर लाल गाज़ी से लेकर देवी इंदिरा गाँधी एवं मोदी साहेब तक के नेतृत्व में सभी केन्द्रीय सरकारें टाटा को झारखंड में 1 रूपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष के हिसाब से कोयला खोदने दे रही है !!! टाटा पिछले 70 वर्षो से उन सभी संपादको को पैसा खिलाकर या दबाकर यह सुनिश्चित किया कि यह जानकारी भारत की जनता तक न पहुंचे। लेकिन अब फेसबुक के कारण इस जानकारी को छिपाना मुश्किल होता जा रहा है !!!
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इसी तरह से यह भी एक तथ्य है कि , नेता छोटे कारोबारियों का लगातार पीछे लगे हुए है ताकि उन्हें वैट , जीएसटी , एक्साइज आदि कानूनों द्वारा रगेदा जा सके, लेकिन यही नेता गोदरेज द्वारा अकेले मुंबई में ही कब्जाई गई 500,000 करोड़ मूल्य की जमीन पर 1 रूपये का भी टेक्स डालने को राजी नहीं है !!! अब तक नेता एवं गोदरेज यह सुनिश्चित करने में कामयाब रहे है कि यह जानकारी भारतीयों तक नहीं पहुचे। लेकिन सोशल मीडिया के आने से अब ये सच्ची ख़बरें नागरिको तक पहुँच रही है।
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इसके अलावा मोरिशस रूट से अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों द्वारा निवेश किये गए धन से भारत में खरीदी गयी जमीनों एवं मिशनरीज द्वारा अधिगृहित की गयी अकूत भूमि बैंको के बारे में भी जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार निकलकर सामने आ रही है !!
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हालांकि , ये सभी सूचनाएं बहुत धीमी गति से फ़ैल रही है , लेकिन सोशल मीडिया के कारण कम से कम ये सूचनाएं अब फ़ैल तो रही है।
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और फेसबुक का क्या , मोदी साहेब खुद फेक प्रोफाइल के धंधे में है। मोदी साहेब के प्रधानमन्त्री कार्यालय ने mygov / newindia नाम से अधिकृत वेबसाईट बनाई है। इस वेबसाईट पर कोई भी मतदाता अपना कोई भी प्रस्ताव या सुझाव अपलोड कर सकता है , तथा कोई भी मतदाता इस सुझाव पर अपना वोट दर्ज कर सकता है। लेकिन मोदी साहेब ने जान बुझकर इस वेबसाईट पर यह व्यवस्था बनायीं है कि कोई भी व्यक्ति अपनी फर्जी आई डी बनाकर वोट कर सके !!! उन्होंने यूजर की प्रोफाइल को उसकी आई डी से लिंक करने की व्यवस्था को जानबूझकर इसमें से हटा दिया है !! क्यों वे पीएम की अधिकृत वेबसाईट पर फर्जी प्रोफाइल एवं फर्जी वोटिंग को बढ़ावा दे रहे है ? आप खुद समझ सकते है।
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