> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2018-03-24

Pawan Jury BhilwaraRj

कुछ 500 हिन्दू परिवार पाकिस्तान से भागकर हिन्दुस्तान में शरण लेने आये थे। वे भारत में नागरिकता लेना चाहते थे। लेकिन संघ के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने उनसे घूस की जो राशि मांगी उसे चुकाने में वे अक्षम थे। संघ=बीजेपी के नेताओं को हफ्ता चुकाने के लिए उनके पास कोई पैसा नहीं था। परिणाम -- मोदी साहेब ने उन्हें लात मारकर फिर से पाकिस्तान रवाना कर दिया !!! और अब वे इस्लाम ग्रहण करने के लिए बाध्य हो गए है !!
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न्यूज लिंक -- <https://goo.gl/2Jn7iV>;
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और इधर जून-2014 से पहले कुछ 1 लाख मुस्लिम रोहिंग्ये भारत में घुस आये थे , एवं जून 2014 के बाद आने वाले इन रोहिंग्यो की संख्या में 2 लाख का और इजाफा हो गया। इसके अलावा भारत में 2 करोड़ मुस्लिम बांग्लादेशी जून-2014 से पहले मौजूद थे, और जून-2014 के बाद लगभग 20 लाख बंगलादेशी घुस्पेठीये भारत में और घुस आये है। ये सभी भारत में रह रहे है। इनमे से लगभग 1 लाख रोहिंग्ये जम्मू में रह रहे है। जम्मू में जम्मू के मूल निवासियों के अतिरिक्त कोई व्यक्ति वहां जमीन नहीं खरीद सकता और न ही स्लम बना सकता है। लेकिन जम्मू में रोहिंग्यो ने सरकारी भूमि पर अपनी कई कोलोनियाँ बसा ली है , एवं वे अनाज से लेकर फोन एवं टीवी तक की खरीद फरोख्त करते है !!! वे यह सब इसीलिए कर पा रहे है क्योंकि वे संघ के नेताओं एवं कार्यकर्ताओ को मोटा हफ्ता चुकाते है !!!
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समाधान -- जो कार्यकर्ता बांग्लादेशी घुसपेठियो* एवं रोहिंग्यो को देश से बाहर खदेड़ना चाहते है उन्हें इस बात को समझना चाहिए कि सोनिया-मोदी-केजरीवाल एवं इनके अंध भगत की रुचि इन्हें देश से बाहर निकालने में नहीं बल्कि इनसे पैसा खींच कर इन्हें भारत में बसाने की है।
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(*) बांग्लादेश से जो हिन्दू भारत में आये है वे घुस्पेठिये न होकर शरणार्थी है। हमारा प्रस्ताव उन्हें नागरिकता देने का है। यदि हम उन्हें नागरिकता नहीं देंगे तो या तो वे क़त्ल कर दिए जायेंगे या फिर उन्हें इस्लाम ग्रहण करना होगा )
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अगला कदम कार्यकर्ताओ का यह होना चाहिए कि वे "EIAR - Expel Immigrants Allow in Refugee" क़ानून का समर्थन करें। इस क़ानून का प्रस्तावित ड्राफ्ट इस लिंक पर देखा जा सकता है -- <https://www.facebook.com/ProposedLawsHindi/posts/828952687282927>;
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कार्यकर्ता इस बात पर भी विशेष ध्यान दें कि सोनिया-मोदी-केजरीवाल एवं इनके सभी अंध भगत उपरोक्त क़ानून का विरोध कर रहे है। और मोदी साहेब खुद ऐसे किसी भी क़ानून को लागू करने से स्पष्ट इनकार कर चुके है जिससे पाकिस्तान / बांगलादेश आदि से आने वाले हिन्दुओ , सिक्खों बौद्धों आदि को नागरिकता दी जा सके एवं घुसपेठियो एवं रोहिंग्यो को देश से बाहर निकाला जा सके।
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