> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2018-01-24

Pawan Jury BhilwaraRj

कृपया ध्यान दें ; ऐसे कोई साक्ष्य नहीं है जिससे पुष्टि हो कि अहमदाबाद में की गयी हिंसा एवं आगजनी में करणी सेना के कार्यकर्ता शामिल थे। अत: सभी कार्यकर्ताओ से आग्रह है कि, करणी सेना के शीर्ष नेतृत्व एवं इसके कार्यकर्ताओ को इस हिंसा के लिए दोषी न ठहराए।
.
दरअसल इस फिल्म का विरोध सिर्फ करणी सेना ही नहीं कर रही है , बल्कि कई राजपूत संगठनों के अलावा भी कई अन्य स्वतंत्र संगठन एवं कई स्वतंत्र कार्यकर्ता भी इसका विरोध कर रहे है। ऐसे कई स्वतंत्र कार्यकर्ता है जो इस प्रकार की हिंसात्मक गतिविधियों में शामिल है। अत: कृपया इस आगजनी के लिए करणी सेना को दोषी न ठहराए।
.
दरअसल, समस्या की जड़ में भारत के प्रधानमंत्री एवं जजों का भ्रष्टाचार है। इनके साथ ही भारत की प्रमुख शीर्ष पार्टियों संघ-कांग्रेस-आपा के सभी नेता, प्रशासनिक अधिकारी , मंत्री आदि भी भ्रष्टाचार में लिथड़े पड़े है। और इन राजनेताओ की रुचि जजों के भ्रष्टाचार को कम करने में बिलकुल भी नहीं है।
.
तो हमें उन कानूनों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जिससे न्यायपालिका में व्याप्त भाई भतीजा वाद एवं भ्रष्टाचार में कमी आये। हमारा प्रस्ताव राईट टू रिकॉल प्रधानमंत्री एवं राइट टू रिकॉल पीएम है। इन कानूनों के होने से पीएम एवं जजों का भ्रष्टाचार नगण्य हो जाएगा और पीएम / जजों की घूस खाने की प्रवृति में भारी गिरावट आएगी।
.
इस तथ्य पर भी विशेष ध्यान दें कि सोनिया-मोदी-केजरीवाल समेत संघ-कांग्रेस-आपा के सभी नेता डायलॉग बाज है और वे अदालतों के भ्रष्टाचार को कम करने के लिए आवश्यक राईट टू रिकॉल कानूनों का विरोध कर रहे है।
.
========