Pawan Jury BhilwaraRj
30 सेकंड का यह वीडियो देखें ; गलीज़ फिल्म पद्मावत के दृश्य में बड़ी रानी राणा रतन सिंह से कहती है -- भेज दो छोटी रानी ( पद्मावती ) को खिलजी के पास , चित्तोड़ तो बच जायेगा ..... "
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<https://www.youtube.com/watch?v=mWAc0cEhHZ8&feature=youtu.be&t=464>
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जबकि मलिक मोहम्मद जायसी के काव्य में ( जो कि खुद एक काल्पनिक कथा है ) और ऐतिहासिक पाठ्य में भी कहीं भी कभी भी इसका उल्लेख नहीं है, जब बड़ी रानी ने चित्तोड़ बचाने के लिए रानी पद्मिनी को खिलजी के पास भेज देने को कहा हो।
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इसके अलावा जायसी की काव्य एक फंतासी यानि काल्पनिक कथा है। रानी पद्मिनी कभी भी आईने के सामने नहीं आई थी। और न ही कभी खिलजी ने उन्हें आईने में देखा था। वहां कोई आईने थे ही नहीं। नेहरु जी ने जब चित्तोड़ किला विजिट किया था या गाइड की शूटिंग के दौरान ये आईने चित्तोड़ के दुर्ग में लगवाये गए थे। बाद में इन्हें हटाया नहीं गया और ये आईने वहीँ पर लगे रह गए। दरअसल, खिलजी चित्तोड़ अपने शासकीय विस्तार के लिए आया था। जायसी ने लिखा कि -- खिलजी ने राणा रतन सिंह से कहा था कि, यदि वह उसे किले के दरवाजे तक छोड़ने आएगा तो वह इसके एवज में ढेर सा सोना देगा। यह भी सरासर झूठ है -- भारत में यह परम्परा थी एवं आज भी है कि, मेजबान अपने मेहमान को दरवाजे तक छोड़ने आता है। राणा उसी परम्परा का पालन कर रहे थे। वे स्वर्ण के उसे किले की दरवाजे तक छोड़ने नही आये थे।
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कुल मिलाकर जायसी का लेखन काल्पनिक है।
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और रानी पद्मिनी राजस्थान एवं देश के कुछ अन्य प्रदेशो में भी देवी की तरह मानी जाती है। और इस आधार पर आईपीसी की दफा 295 एवं 295-A के तहत इस फिल्म को बेन करके निर्माता, निर्देशक, पटकथा लेखक, मुख्य अभिनेताओ एवं अभिनेत्री पर कई सौ करोड़ का आर्थिक दंड लगाकर उन्हें 3 वर्ष तक के लिए कारागार में भेजा जाना चाहिए।
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अफ़सोस की बात है कि मोदी साहेब एवं उनकी मंत्री स्मृति ईरानी ऐसी गलीज़ फिल्म का सरेआम समर्थन कर रहे है, और संघ के सभी कार्यकर्ता उनके इस फैलसे के समर्थन में है।
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