Pawan Jury BhilwaraRj
अंदाजा लगाइये कि, पद्मावती फिल्म पर रोक लगाने के फैसले को किस जज ने रद्द किया होगा ? संकेत - इन्ही राष्ट्रवादी ( !!) जज ने जल्लिकट्ट को बेन किया था, और मुंबई में डांस बार फिर से खुलवाने के आदेश भी इन्ही ने दिए थे !!!
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पद्मावती फिल्म को रिलीज करने का आदेश देने वाले इस राष्ट्रवादी जज का नाम है -- दीपक मिश्रा !!! वही दीपक मिश्रा जिसके नाम का लॉकेट आजकल संघ के कार्यकर्ता अपने गले में लटकाये घूम रहे है !!
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मुख्यमंत्री यदि चाहे तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए पद्मावती फिल्म पर बेन जारी रख सकते है। सुप्रीम कोर्ट जज के पास तब सिर्फ एक विकल्प बचता है - वह केंद्र सरकार को यह आदेश दे सकता है कि राज्य सरकार को बर्खास्त किया जाये। पर यदि प्रधानमंत्री राज्य सरकार को बर्खास्त करने से इंकार कर देते है तो सुप्रीम कोर्ट जज के पास अपने चेंबर में जाकर खामोश बैठ जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। भारत के सुप्रीम कोर्ट के पास केंद्र सरकार को बर्खास्त करने का कोई अधिकार नहीं है। लेकिन प्रधानमंत्री चाहे तो सुप्रीम कोर्ट जज को नौकरी से निकाल सकते है।
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तो अब हमारे मुख्यमंत्रियों एवं प्रधानमंत्री को यह तय करना पड़ेगा कि वे सुप्रीम कोर्ट जज की आज्ञा का पालन करते है या उसे चुप करके बैठ जाने को कहते है।
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असल में अब मालूम होगा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्रीयो में से किसके सीने का नाप 56" है।
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भारत के लोग पीएम एवं सीएम को चुनते है सुप्रीम कोर्ट जज को नहीं। अब जबकि सुप्रीम कोर्ट जज ने भारत के पीएम एवं सीएम को जमा कर दिया है तब भारत के मतदाताओं को यह तय करना चाहिए कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश को नौकरी से निकालने का अधिकार चाहिए या नहीं ?
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दीपक मिश्रा ने पद्मावती फिल्म पर बेन को खारिज करते हुए इसे रिलीज करने के आदेश दिए है। और अब हम मेरुदण्ड विहीन मुख्यमंत्रियों एवं प्रधानमंत्री को इस आदमी के आदेश का पालन करते देखेंगे !!
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समाधान - भारत के कार्यकर्ता राईट टू रिकॉल सुप्रीम कोर्ट जज के क़ानून की मांग करे ताकि नागरिक जब चाहे तब सुप्रीम कोर्ट जज को नौकरी से निकाल सके।
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"वेल्थ टेक्स पार्टी"
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