Pawan Jury BhilwaraRj
ब्राह्मणो के वोट खींचने के लिए ममता बानो का ब्राह्मण कार्ड -- जवाब में संघ मुस्लिमो को अपने पाले में करने के लिए मुस्लिम सम्मलेन आयोजित कर रहा है !!!
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लिंक - <https://aajtak.intoday.in/story/west-bengal-bjp-muslim-convention-in-kolkata-narendra-modi-tmc-mamata-banerjee-tpt-1-976938.html>
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'लेफ्ट-टीएमसी ने मुस्लिमों के लिए कुछ नहीं किया' - बीजेपी
बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अब्दुल राशिद अंसारी ने आजतक से बातचीत करते हुए कहा कि "पश्चिम बंगाल में मुसलमानों के मतों के सहारे कांग्रेस और लेफ्ट ने राज किया और अब टीएमसी सत्ता में है. इसके बावजूद राज्य में मुस्लिमों की हालत देखिए, वो भिखारी की जिंदगी जीने को मजबूर हैं. बंगाल में मुस्लिमों की हालत बहुत खराब है, वो बेरोजगारी और गरीबी में जीने को मजबूर हैं. बीजेपी सिर्फ नारेबाजी नहीं करती है बल्कि सबका साथ और सबका विकास के मूल मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है"
उन्होंने कहा कि "राज्य के मुस्लिमों को लेफ्ट, कांग्रेस और टीएमसी की सच्चाई से वाकिफ कराने और उन्हें गले लगाने के लिए हम कोलकाता आए हैं. हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिना किसी भेदभाव के विकास कर रहे हैं. बंगाल में मुस्लिमों के दिल में बीजेपी ने जगह बनाया है, इससे लेफ्ट से लेकर ममता बनर्जी तक के दिल में घबराहट महसूस हो रही है. इसीलिए वो बेचैन हैं".
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मिशन 2019 में जुटी बीजेपी जहां बाकी राज्यों में हिंदुत्व के रथ पर सवार होकर चुनावी जीत पर फोकस किए हुए हैं वहीं बंगाल में अलग ही तस्वीर देखने को मिल रही है. पश्चिम बंगाल में बीजेपी पैर जमाने के लिए मुस्लिमों को भी गले लगाने की कवायद में है. राज्य में मुस्लिम मतों की सियासी अहमियत को देखते हुए बीजेपी कोलकाता के मो. अली पार्क में आज अल्पसंख्यक सम्मेलन कर रही है. बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष अब्दुल राशिद अंसारी के साथ पश्चिम बंगाल के बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष और वरिष्ठ नेता मुकुल राय संबोधित करेंगे.
30 फीसदी मुस्लिम मतों की मारामारी
पश्चिम बंगाल में करीब 30 फीसदी मुस्लिम आबादी है, जो राजनीतिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण है. राज्य में लेफ्ट और टीएमसी के बाद अब बीजेपी भी मुस्लिमों को रिझाने में जुट गई है. इस साल होने वाले पंचायत चुनाव के मद्देनजर ही बीजेपी के मुस्लिम सम्मेलन को देखा जा रहा है. देर से बीजेपी ने महसूस किया है कि वह 30 फीसदी मजबूत मुस्लिम वोटों को लुभाए बिना बंगाल नहीं जीत सकती.
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