> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2017-11-25

Pawan Jury BhilwaraRj

मेरी मान्यता है कि 95% से ज्यादा अर्थशास्त्र , राजनीति शास्त्र एवं इतिहास के प्रोफ़ेसर बिकाऊ है !!
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#95_फीसदी_से_अधिक_राजनीति_विज्ञान_के_प्रोफ़ेसर_बिकाऊ_है , #Over95percentPoliticalScienceProfessorsAreBikaau ,
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#95_फीसदी_से_अधिक_इतिहास_के_प्रोफ़ेसर_बिकाऊ_है , #Over95percentHistoriansAreBikaau ,
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#95_फीसदी_से_अधिक_अर्थशास्त्र_के_प्रोफ़ेसर_बिकाऊ_है , #Over95percentEconomistsAreBikaau ,
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मेरे विचार में , भारत में जितने भी अर्थशास्त्री, इतिहासकार एवं राजनीती विज्ञान के प्रोफ़ेसर, विशेषग्य आदि है उनमे से 95% से ज्यादा लोग बिकाऊ है। और शेष 5% निकम्मे है व देश की व्यवस्था सुधारने में उनकी कोई रुचि नहीं है।
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@PMOIndia #MyPoliticalBelief #Over95percentEconomistsAreBikaau #Over95percentSociologyProfessorsAreBikau #Over95percentHistoriansAreBikaau
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नीचे दिए गए विकल्पों में से अपना विकल्प चुने एवं इन विषयों के प्रोफेसरों के बारे में आपका जो भी आकलन है कृपया उसे अपने ट्विटर एकाउंट पर रखें। मेरा ट्विट कमेन्ट बॉक्स में देखें
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(a) #Over95percentPoliticalScienceProfessorsAreBikaau
(b) #Between80to95percentPoliticalScienceProfessorsAreBikaau
(c) #Between60to80percentPoliticalScienceProfessorsAreBikaau
(d) #Between40to60percentPoliticalScienceProfessorsAreBikaau
(e) #Between20to40percentPoliticalScienceProfessorsAreBikaau
(f) #Below20percentPoliticalScienceProfessorsAreBikaau
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कृपया अपने ट्विट में हेशटेग का इस्तेमाल करे।
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इतिहासकारो के बारे में आप क्या सोचते इससे कोई विशेष फर्क नहीं आता। क्योंकि मेरे विचार में इतिहास एक अर्थहीन सब्जेक्ट है।
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किन्तु यदि आप सोचते है कि भारत के 40% से ज्यादा राजनीति विज्ञान के प्रोफ़ेसर बिकाऊ नहीं है बल्कि ईमानदार है , तो कृपया समाचार पत्रों में विज्ञापन दें एवं अपने फेसबुक /ट्विटर पर इन प्रोफेसरों से सार्वजनिक अपील करें कि वे अपनी राजनैतिक पार्टी बनाए एवं चुनाव लड़ें।
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और यदि आपको लगता है कि राजनीति विज्ञान के 40% से ज्यादा प्रोफ़ेसर ईमानदार है तो मान कर चलिए कि राईट टू रिकॉल , ज्यूरी सिस्टम क़ानून किसी काम के नहीं है ,अत: इन कानूनों के प्रचार में अपना समय नष्ट न करे। इसकी जगह आपको राजनीति विज्ञान के प्रोफेसरों को चुनाव लड़ने के लिए राजी करना चाहिए।
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