> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2017-11-17

Pawan Jury BhilwaraRj

संघ नेतृत्व पद्मावती पर अब तक खामोश क्यों है ; क्योंकि संघ का फर्जी राष्ट्रवाद फर्जी हिन्दुवाद के खिलाफ पड़ता है !!
.
संघ अपनी सभाएं एवं जमाव कभी मंदिरों या धार्मिक स्थलों पर नहीं करता , मैदानों में करता है। संघ भारत माता की जय की पुकारा लगाता है लेकिन हर हर महादेव, जय श्री कृष्णा , जय श्री राम* या जय माता दी जैसे जयघोष से उसे 'आधिकारिक' परहेज है। संघ ध्वज वंदन करता है किन्तु शाखाओं में ईश वंदना या हिन्दू देवी देवताओं की पूजा की अनुमति नहीं देता। संघ अपने नेताओं के भाषण एवं विचार पुस्तको में प्रकाशित करता है , किन्तु कभी उसने हिन्दू धर्म से सम्बंधित साहित्य छपवाकर नागरिको में वितरित नहीं किये। संघ की मंदिरों के निर्माण एवं मौजूदा मंदिरों के प्रशासन को सुधारने में कभी रुचि नहीं रही। संघ कभी किसी हिन्दू उत्सव पर सामूहिक आयोजन नहीं करता। आप इस तरह काफी लम्बी सूची बना सकते है। संघ ऐसी सभी गतिविधियों की अवहेलना करता है जिससे हिन्दूओ के धार्मिक उत्साह में वृद्धि हो, मंदिरों के प्रशासन में सुधार आए एवं हिन्दू धर्म मजबूत हो।
.
इसकी वजह फर्जी राष्ट्रवाद एवं फर्जी हिन्दुवाद का टकराव है। फर्जी राष्ट्रवाद और फर्जी हिन्दुवाद साथ साथ नहीं पनप सकते। ये एक दुसरे को काटते है।
.
(*) 'जय श्री राम' जयघोष संघ का आधिकारिक जयघोष नहीं है। न ही संघ के नेतृत्व में साहस है कि वे इसे अपना सके। राम मंदिर मुद्दे को दुहने के लिए संघ के अंध सेवक इस जयघोष को अनाधिकृत रूप से पिछले 25 साल से ढो रहे है। मूल रूप से यह मुद्दा विहिप के पास था जिसे 1990 में संघ के नेताओं ने हाईजेक कर लिया था।
.
"वेल्थ टेक्स पार्टी"
.
==============