Pawan Jury BhilwaraRj
रोहिंग्यो को देश से बाहर भेजने का समर्थन कर रहे कार्यकर्ताओ को यह तय करना चाहिए कि, यदि सुप्रीम कोर्ट मामले को लटका कर रख देता है या इन्हे देश से बाहर भेजने पर रोक लगा देता है, और मोदी साहेब सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश को नौकरी से निकालने का प्रस्ताव संसद में रखने से मना कर देते है तो उनके पास क्या विकल्प है ?
.
क्या वे मोदी साहेब को ट्वीट करके यह मांग करेंगे कि "राईट टू रिकॉल सुप्रीम कोर्ट मुख्य न्यायाधीश" के क़ानून को गैजेट में प्रकाशित किया जाए, ताकि भारत के आम नागरिक इस जज को नौकरी से निकाल सके ?
.
या सुप्रीम कोर्ट के कहने से वे रोहिंग्यो को देश में रखने के लिए राजी है ?
.
======