Pawan Jury BhilwaraRj
पिछले 3 साल में कितने बांग्लादेशी घुसपेठियो को खदेड़ा गया है = शून्य
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पिछले 3 साल में कितने नए बांग्लादेशी घुसपैठिये भारत में घुस गए है = कोई अधिकृत आंकड़ा नहीं। किन्तु घुसपैठ में गिरावट के कोई संकेत नहीं है।
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पिछले 3 साल में कितने रोहिंग्यो को देश से बाहर निकाला गया है = शून्य
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तो रोहिंग्यो के मुद्दे को इसीलिए उछाला जा रहा है ताकि बांग्लादेशी घुसपेठियो को न खदेड़ने की असफलता को छुपाया जा सके !!
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मतलब ,मोदी साहेब और संघ के नेता कह रहे है कि -- हमें अभी "सिर्फ" रोहिंग्यो की समस्या पर ही ध्यान देना चाहिए , बांग्लादेशी घुसपेठियो पर नहीं !!!
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भारत में लगभग 50 हजार रोहिंग्या है। लगभग 5000 - 10,000 तो सिर्फ दिल्ली एनसीआर में ही है !!
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सभी रोहिंग्यो को कुछ ही हफ्तों में घेर कर देश से बाहर निकाला जा सकता है।
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बांग्लादेशी घुसपेठिये संघ=बीजेपी ( गंगाधर = शक्तिमान ) को वोट नहीं करते। फिर भी क्या वजह है कि मोदी साहेब और संघ के नेता इन्हें खदेड़ने के लिए आवश्यक कानून का विरोध कर रहे है ? अनुमान लगाइए !!
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( संकेत - सऊदी अरब से आने वाला पैसा )
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कृपया ऐसे क़ानून का समर्थन करे जिससे बांग्लादेशी घुसपेठियो को चिन्हित करके खदेड़ा जा सके, और बांग्लादेशी शर्णार्थियो की पहचान करके उन्हें भारत की नागरिकता दी जा सके।
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यदि आपकी रुचि इन घुसपेठियो को खदेड़ने में है तो कृपया कोंग्रेस / संघ / आम आदमी पार्टी से उम्मीद रखकर अपना समय नष्ट न करे, बल्कि सरकार पर दबाव बनाए कि इन्हें खदेड़ने के लिए आवश्यक क़ानून को जल्द से जल्द लागू करें। इसके लिए आवश्यक क़ानून ड्राफ्ट हम जल्दी ही उपलब्ध करवाएंगे।
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