Rahul Tiwari Jury
आपका सवाल:
Tujhe evm hack karna aata hai?
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जवाब: नहीं,
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(01) चुनाव आयोग के मैन्युअल बुक के हिसाब से evm में इंटरनेट वाई-फाई नहीं है , इसलिए evm को हैक नहीं किया जा सकता है।
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(02) evm में >इनसाइड टेंपरिंग< हो सकती है, मतलब जो लोग मशीन का एक्सेस रखते हैं वह प्रोग्राम द्वारा कागज और इलेक्ट्रॉनिक वोटों की चोरी कर सकते हैं।
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(03) evm कोइ स्टैंड अलोन मशीन नहीं है , लेकिन चुनाव आयोग कहता है कि evm स्टेंड अलोन मशीन है।
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(04) हर चुनाव से 14 दिन पहले सॉफ्टवेयर प्रोग्रामेबल फाइल (जिसे सिंबल लोडिंग यूनिट कहा जाता है) evm में BEL का टेक्निशन अपने लैपटॉप से डालता है, इसलिए evm का बाहरी मशीन से लेना देना है और इस वजह से evm एक स्टैंड अलोन डिवाइस नहीं है।
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(05) सिम्बोल लोडिंग फाइल का प्रोग्राम जो 3-4 BEL-ECIL के प्रोग्रामर लिखते हैं, वह किसी एक पार्टी को अधिक वोट पहुंचाने के लिए भी प्रोग्राम लिख सकते हैं।
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(06) तो जब सिंबल लोडिंग फाइल vvpat में पहुंचेगा तब vvpat में >रियल टाइम क्लॉक< होने के कारण वह सभी >मॉक पोल< को बायपास करते हुए - एक हीं पर्ची को vvpat में लगे हुए काले काँच और लाइट सेंसर की मदद से बार-बार कई मतदाताओं को दिखाकर लाखों एवं करोड़ों वोटों को आसानी से चुरा सकता है।
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(07) 2010 में ही महात्मा हरी प्रसाद जी ने असली evm में - रिमोट कंट्रोल द्वारा वोटों की चोरी करके सहारा समय राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल पर दिखा दिया था। इस लिंक पर जाकर वीडियो देखें Tinyurl.com/mhp2010
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(08) 2017 से चुनाव आयोग ने evm-vvpat के पारदर्शी काँच को बदलकर गहरा >काला काँच< लगा दिया है और vvpat में >लाइट सेंसर< भी लगा दिया है और vvpat में रौशनी जलने की अवधि को घटाकर 15 सेकंड से >7 सेकंड< कर दिया है।
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(09) >यह 3 बदलाव तो सभी नागरिकों के सामने हुआ है जो हमारे आंखों से दिखाई भी देता है<
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(10) vvpat का काला काँच - अंधेरे में कागज की पर्चियों की चोरी को छुपा सकता है।
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(11) लाइट सेंसर - सामने खड़े मतदाताओं को सेंस कर सकता है कि मतदाता सामने खड़ा है या नहीं।
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(12) vvpat की रौशनी जलने की अवधि को 7 सेकंड कर देने से मतदाताओं को अपने वोट की जांच करने से टाला जा सकता है , स्टाफ बोलते हैं - आपका वोट हो गया आप जल्दी से बाहर चले जाओ।
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(13) evm-vvpat में किए गए यह 3 बदलावों की वजह से और evm में डाले जाने वाले >सॉफ्टवेयर प्रोग्रामेबल सिम्बोल लोडिंग फाइल< की मदद से — एक हीं पर्ची को बार-बार कई मतदाताओं को दिखाकर >मॉक पोल< को बायपास करते हुए करोड़ों वोटों को चुराया जा सकता है।