Rahul Tiwari Jury
EVM-VVPAT द्वारा करोड़ों वोटों को चुराया जा सकता है, लेकिन जो लोग इसे नहीं मानते हैं, उन्हें मैं उनके 6 सवालों का उत्तर दे रहा हूँ — जिसकी जानकारी भारत के अधिकांश बकवास बुद्धिजीवी, बिकाऊ JOURNALIST एवं बिकाऊ MEDIA और बिकाऊ भ्रष्ट पार्टियों के नेता/मंत्री जनता से छुपाते हैं!!
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(01)
सवाल:
EVM-VVPAT में लगा हुआ काला काँच और लाइट सेंसर द्वारा Mock Poll को बायपास करते हुए करोड़ों वोटों को चुराया जा सकता है। ऐसा सवाल उठाने वाले चुनाव आयोग के पास क्यों नहीं जाते हैं ??
जवाब:
हमने फरवरी 2024 में ही EVM की लागत मूल्य ₹40000 का DD CHECK Draft Letter चुनाव आयोग को भेज दिया था।
कि वह हमें मशीन दें, हम उसमें EVM BLACK GLASS CODE डालकर साबित कर देंगे कि मात्र 1 से 10 अधिकतम लोगों की मदद से Mock Poll को बायपास करते हुए करोड़ों वोटों को एक साथ चुराया जा सकता है, जिसकी जानकारी इन कर्मचारियों के अलावा किसी को भी नहीं हो पाएगी।
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(02)
सवाल:
सुप्रीम कोर्ट क्यों नहीं जाते हो ?
जवाब:
EVM-VVPAT में लगा हुआ काला काँच और लाइट सेंसर का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के पास गया था लेकिन उन्होंने इस पर बात करने से इनकार कर दिया, आप इस लिंक पर जाकर देख सकते हैं: https://share.google/qk81ksVmwNgDnHAoF
सुप्रीम कोर्ट ने बोला कि हम इस पर बार-बार चर्चा करके अपना समय खराब नहीं करना चाहते हैं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट ने उस समय से पहले कभी भी EVM-VVPAT में लगा हुआ काला काँच और लाइट सेंसर के मुद्दे पर अपनी सुनवाई नहीं किया था !!।
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(03)
सवाल:
सभी बूथों पर Random EVM भेजा जाता है, तो चोरी का प्रोग्राम किस तरह काम करेगा ??
जवाब:
सभी EVM में SYMBOL LOADING FILE और BEL के TECHNICIAN द्वारा LAPTOP से डाले जाने वाला SOFTWARE PROGRAM एक ही जगह — COLLECTOR OFFICE में डाला जाता है।
उसके बाद सभी EVM को RANDOM तरीके से अलग-अलग BOOTH पर भेजा जाता है।
इसलिए EVM को RANDOM तरीके से भेजने के बावजूद भी करोड़ों वोटों को एक साथ चोरी करने में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी।
ऐसा हमने श्री Rahul Mehta जी द्वारा आविष्कार किए गए EVM BLACK GLASS DEMO MACHINE में कर दिखाया है।
ELECTION COMMISSION की मशीन में भी हम EVM BLACK GLASS CODE डालकर, वोटों की चोरी अगर वे करना चाहें तो, बिल्कुल कर सकतें हैं, यह जनता को दिखा देंगे।
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(04)
सवाल:
बैलट पेपर द्वारा चुनाव होने पर कागज का इस्तेमाल होने पर प्रकृति का बहुत नुकसान होगा; क्योंकि उसके लिए अभी से अधिक पेड़ काटने होंगे !!
जवाब:
5 साल के सभी चुनाव (लोकसभा, विधानसभा, नगर निगम और पंचायत) में अगर पूरे भारत में बैलेट पेपर से वोटिंग हो, तो कुल अनुमानित कागज़ की जरूरत लगभग 7 से 9 करोड़ किलो होगी।
वर्तमान EVM-VVPAT सिस्टम में 5 साल में लगभग 5 से 6.5 लाख किलो कागज़ लगता है, जो लगभग 13,000 से 16,000 पेड़ों को काटकर बनाया जाता है! बाकी कागज अन्य स्रोतों से आता है।
अगर बैलेट पेपर वोटिंग सिस्टम लागू किया जाए, तो कागज़ की जरूरत कई गुना बढ़ जाएगी, लेकिन इसे बिना एक भी पेड़ काटे भी तैयार किया जा सकता है!!
Eco-friendly स्रोतों का मॉडल:
Recycled paper – 35%
Bagasse (गन्ना अवशेष) – 20%
Wheat straw – 15%
Rice straw (पराली) – 15%
Bamboo (बांस) – 5%
Jute (पटसन) – 5%
Industrial hemp (भांग का पौधा) – 5%
निष्कर्ष यह है कि सही कानून, संग्रह प्रणाली और पेपर प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ पूरे 5 साल के चुनावों का कागज़ बिना एक भी पेड़ काटे तैयार किया जा सकता है!! इसके लिए केवल ईमानदार मंशा होना चाहिए।
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(05)
सवाल:
जो पार्टी चुनाव जीत जाती है उसके लिए EVM अच्छा कैसे हो जाता है ??
जवाब:
हमने कभी भी यह नहीं कहा है कि EVM को कोई एक पार्टी CONTROL करती है!
EVM-हटाओ सेना और Right To Recall Party ने शुरू से ही भारत की जनता को यही जानकारी दी है कि EVM को CONTROL वही कर सकते हैं जो भारत के MEDIA को CONTROL करते हैं।
नहीं तो MEDIA भारत की जनता को बता देती—
A. 2010 में ही महात्मा हरिप्रसाद जी ने असली EVM में वोटों की चोरी करके दिखा दिया था! अब इसके अलावा और कितना प्रमाण चाहिए? आप इस लिंक पर उनका वीडियो देख सकते हैं: Tinyurl.com/mhp2010 अगर आपको MEDIA की ईमानदारी देखनी हो तो ढूंढिए कितने MEDIA वालों ने इस वीडियो को जनता को दिखाया है ??
B. चुनाव आयोग ने जून 2017 में EVM के VVPAT में पारदर्शी काँच को बदलकर गहरा काला काँच और लाइट सेंसर लगा दिया है, अगर आपको MEDIA में ईमानदारी देखनी हो तो आप जून 2017 से लेकर आज तक ढूंढिए कि कितने MEDIA वालों ने यह जानकारी आपको दी है ??
अब आप सोच रहे होंगे MEDIA को कौन CONTROL करता है?
तो मेरा जवाब है: MEDIA को वही CONTROL करता है जिसके पास बेहतर तकनीकी हथियार बनाने की शक्ति है!!
भारत के MEDIA में लगभग 100% FDI है, मतलब भारत का MEDIA और विदेशी सोशल MEDIA पूरी तरह से अमेरिका के CONTROL में है और वही हमारे पूरे देश को CONTROL करते हैं।
अगर हमें अमेरिका से जीतना है और हर एक कार्य उससे बिना अनुमति लिए करना है, तो हमें अमेरिका जितना मजबूत होना पड़ेगा और उसका रास्ता है बैलेट पेपर द्वारा पारदर्शी चुनाव।
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(06)
सवाल:
बैलट पेपर से चुनाव होगा तो बूथ लूट लिया जाएगा!!
जवाब:
आज बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में लगभग 1 लाख POLLING BOOTH होते हैं। अगर आपको बूथ लूटकर मुख्यमंत्री अपने हिसाब से बनाना है, तो कम से कम 10% POLLING BOOTH को लूटना होगा यानी 10,000 POLLING BOOTH।
10,000 POLLING BOOTH लूटने के लिए कम से कम आपके पास 1 लाख अवैध बंदूक और 1 लाख गुंडे होने चाहिए। अगर आप इतने लोगों और इतने हथियारों का इंतजाम कर भी लेते हैं, तो भी हर POLLING BOOTH में 5 से अधिक सशस्त्र भारतीय सैनिक मिलेंगे, जो आपको वहीं पर मारकर गिरा देंगे।
अगर आप फिर भी बच गए, तो हर POLLING BOOTH में CCTV CAMERA लगा है। आज लगभग हर नागरिक के पास कैमरा वाला मोबाइल फोन है, आपकी वीडियो बन जाएगी और आप पर कानूनी कार्रवाई हो जाएगी — आप किसी भी तरह बच नहीं सकते हैं आज के समय में!!
अगर इसके बावजूद भी कुछ पोलिंग बूथ में कैप्चरिंग हो जाती है, तो वहाँ दोबारा चुनाव बहुत आसानी से हो जाएगा।
लेकिन EVM-VVPAT में कौन करोड़ों वोटों को चुरा रहा है, इसकी जानकारी निकालना लगभग नामुमकिन है, क्योंकि इस बात की जानकारी लगभग सभी POLITICAL PARTY, सभी JOURNALIST, सभी MEDIA, यहाँ तक कि SUPREME COURT के जज भी इस पर बात करने से इनकार करते हैं।
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इसलिए हम भारतीयों की बहुत छोटी सी मांग है — हम सरकार को हर वर्ष 35 लाख करोड़ रुपए कमाकर देते हैं, इसलिए हमें यह अधिकार चाहिए।
संविधान अनुच्छेद 328 के तहत सभी पार्टियों के मुख्यमंत्री मतदाताओं को मतदान कक्ष में बैलेट पेपर से वोट देने के विकल्प का कानून लागू करके हमें यह अधिकार दे सकते हैं।
अगर सभी पार्टियों के मुख्यमंत्री ईमानदार हैं, तो वे हमें यह अधिकार दे दें, अन्यथा हमारा यह जन आंदोलन बढ़ता रहेगा!!
हमारे बारे में अधिक जानकारी लेने के लिए या EVM-VVPAT में लगे काले काँच और लाइट सेंसर द्वारा करोड़ों वोटों की चोरी हो सकने का डेमो देखने के लिए इस Website पर जाएं: EvmHatao.Com