Rahul Tiwari Jury
राजा प्रजा के अधीन रहना चाहिए। अन्यथा राजवर्ग प्रजा को लूट लेगा, और राज्य का विनाश होगा। राजवर्ग प्रजा को उसी प्रकार भक्षण कर जाएगा, जैसे मांसाहारी पशु शाकाहारी जीवों को खा जाते हैं !! अथर्ववेद
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साथियो, नीचे लिखे जिन कानूनों को मैं लागू करवाना चाहता हूँ, उन्हें लागू कर देने पर हमारे राज्य और चौरंगी विधानसभा में - बिजली-पानी सड़क-सफाई, गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, पुलिस, सरकारी अधिकारी और न्यायाधीश व मंत्रियों द्वारा अन्याय/समस्याओं का उचित कानूनी समाधान होगा।
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हम एक ऐसी कानूनी व्यवस्था बनाना चाहते हैं, जहाँ केवल पुलिस प्रमुखों, सरकारी अधिकारियों, न्यायाधीशों और नेता/मंत्रियों की मनमर्जी नहीं चलेगी, बल्कि जनता के हाथ में मंत्रियों, न्यायाधीशों, सरकारी अधिकारियों और पुलिस प्रमुखों पर 24 घंटे नियंत्रण रहेगा।
जहाँ वोट की शक्ति केवल चुनाव तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हर दिन काम करेगी। जहाँ शीघ्र न्याय मिलेगा, संपत्ति और सुविधाओं का लाभ जनता तक ईमानदारी से पहुँचेगा और नेता/मंत्री, सरकारी अधिकारी, पुलिस प्रमुख, न्यायाधीश जनता के प्रति हमेशा जवाबदेह रहेंगे। यह कोई वादा नहीं है, बल्कि जनता द्वारा कानूनी मांग और अधिकारों के लिए एक लड़ाई है।
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मेरे द्वारा प्रस्तावित #4 कानूनों को, इस पृष्ठ पर और इसके पीछे के पृष्ठ पर देखकर आप अवश्य पढ़ेंः
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#1 संविधान अनुच्छेद 328 कानून के तहत मुख्यमंत्री महोदय से- मतदान कक्ष के भीतर बैलट पेपर के माध्यम से वोट देने के लिए विकल्प का कानून लागू करवाना।
(01) 2010 में महात्मा हरिप्रसाद जी ने असली EVM में प्रोग्राम डालकर आंतरिक छेड़छाड़ के माध्यम से वोट चोरी करके 'Sahara News Channel' में लाइव दिखा दिया था। इसके बाद Supreme Court के आदेश से Election Commission द्वारा EVM के साथ VVPAT जोड़ा गया था।
(02) लेकिन आज भी Election Commission पंचायत स्तर पर VVPAT के बिना EVM से चुनाव करा रहा है।
(03) 2019 के दिसंबर महीने में IIT-DELHI के इंजीनियर श्री राहुल चिमनभाई मेहता जी ने जंतर-मंतर पर EVM-VVPAT जैसी डेमो मशीन से डेमो दिखाकर प्रमाण किया था कि EVM के VVPAT में काले कांच और लाइट सेंसर होने के कारण 30% अधिक वोट MOCK POLL को बायपास करके चोरी किए जा सकते हैं।
(04) फरवरी 2024 में श्री राहुल चिमनभाई मेहता जी ने ₹40000 का डीडी (डिमांड ड्राफ्ट) चेक ड्राफ्ट लेटर के साथ चुनाव आयोग को दिया और मांग की कि उन्हें असली EVM दी जाए। राहुल मेहता जी उसमें #EvmBlackGlassCode के माध्यम से यह साबित कर देंगे कि असली EVM-VVPAT में चोरी करने वाला प्रोग्रामिंग कोड डाला जा सकता है और काले कांच तथा लाइट सेंसर की मदद से एक साथ करोड़ों वोट चोरी किए जा सकते हैं।
(05) 2019 से अब तक हम जंतर-मंतर पर 20 बार से अधिक जनता के बीच EVM-VVPAT वोट चोरी का डेमो दे चुके हैं, लेकिन आज तक न चुनाव आयोग ने राहुल मेहता जी को EVM दी है, और न ही सुप्रीम कोर्ट ने स्वयं संज्ञान (suo motu) लेकर राहुल मेहता जी को मशीन दी है।
राजवंश को अवश्य ही जनता के नियंत्रण में रहना चाहिए, अन्यथा वे जनता के संसाधनों की लूट करेंगे और राज्य नष्ट हो जाएगा - अथर्ववेद।
पृष्ठ 1.
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#2 सरकारी जमीन किराया बंटवारा कानून।
(सरकारी जमीन का किराया सीधे नागरिकों के खाते में भेजने का प्रस्ताव)
इस कानून का उद्देश्य सरकार के स्वामित्व वाली उन सभी जमीनों को, जिन्हें सरकार या आम जनता उपयोग नहीं कर रही है, उन्हें बाजार में लाना है। इस प्रस्तावित कानून के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं। #SaJaKiBa
इस कानून के लागू होने के बाद, केंद्र और राज्य सरकार के स्वामित्व वाली सभी खाली जमीन 5 से 25 वर्ष की अवधि के लिए लीज पर दी जाएगी। इस जमीन से प्राप्त किराया सभी भारतीयों के बीच समान रूप से वितरित किया जाएगा। यह राशि हर महीने सीधे प्रत्येक भारतीय के बैंक खाते में जमा की जाएगी।
उदाहरण के लिए दिल्ली 1500 करोड़ वर्ग फुट में फैली हुई है, और इसमें से 300 करोड़ वर्ग फुट जमीन सरकार के पास खाली पड़ी है। और इसी तरह सरकार के पास पूरे भारत में (अहमदाबाद में 50 करोड़ वर्ग फुट, जयपुर में 70 करोड़ वर्ग फुट) मूल्यवान जमीन है, जिनका कोई उपयोग नहीं हो रहा है। इन सभी जमीनों को किराया/लीज पर दे दिया जाएगा।
इस कानून का पूर्ण ड्राफ्ट पढ़ने के लिए इस लिंक पर जाएं- Tinyurl.com/Khamba2
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#3 भारतीय राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर कानून।
NRCI - National Register for Citizenship of India
विभिन्न सरकारी एजेंसियों के अनुसार भारत में लगभग 2 करोड़ अवैध आर्थिक विदेशी (illegal economic immigrant) निवास कर रहे हैं। असम, बंगाल, पूर्वोत्तर के अलावा ये पूरे भारत में फैले हुए हैं।
इन अवैध विदेशियों में उत्पीड़ित शरणार्थी भी हैं, और आर्थिक अवसर की तलाश में आए विदेशी (illegal economic migrant) भी हैं। इनके कारण भारत के संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है।
और ये हमारी आंतरिक सुरक्षा के लिए भी खतरा हैं। इन अवैध विदेशी निवासियों में कई समूह हिंसक अपराध और तस्करी आदि में भी शामिल हैं। यदि अमेरिका पाकिस्तान और चीन इन्हें बांग्लादेश सीमा के माध्यम से हथियार भेजना शुरू कर दें, तो ये अवैध विदेशी निवासी भारत में एक हिंसक गृहयुद्ध शुरू कर सकते हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने 2019 में संसद में आश्वासन दिया था कि बहुत जल्द वे देशव्यापी NRC का मसौदा लाएंगे। लेकिन सरकार ने अब तक NRC का मसौदा भी प्रस्तुत नहीं किया है। असम में जो NRC का मसौदा लागू किया गया था, उसमें गंभीर विसंगतियाँ और त्रुटियों थीं।
उदाहरण के लिए, असम का NRC न तो अवैध रूप से रह रहे आर्थिक विदेशियों की पहचान करता है, और न ही उन्हें डिपोर्ट करने की कोई व्यवस्था देता है।
दूसरे शब्दों में, CAA और असम में किया गया NRC इस समस्या का समाधान नहीं कर पाए, बल्कि इस प्रकार का प्रचार बनाया गया कि समस्या का समाधान हो गया है।
हमारे द्वारा प्रस्तावित NRCI में ऐसा प्रावधान किया गया है कि इस कानून के आने के 1 वर्ष के भीतर सभी अवैध आर्थिक विदेशी या तो डिपोर्ट कर दिए जाएंगे या स्वयं अपने देश वापस चले जाएंगे।
प्रस्तावित NRCI कानून में National Register for Citizens of India बनाने की प्रक्रिया दी गई है। गेजेट में प्रकाशित होते ही नागरिकता रजिस्टर बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस कानून को मनी बिल / धन बिल के रूप में लोकसभा से पास करके गेजेट में छापा जा सकता है। नागरिकता रजिस्टर बनाने की पूरी प्रक्रिया देखने के लिए पूरा ड्राफ्ट इस लिंक पर देखें - Tinyurl.com/Nrcindia
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#4 वोट वापसी पासबुक कानून।
Vote Vapsi Passbook; इस कानून को लागू करने के लिए विधानसभा या लोकसभा में पास होने की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री इस कानून पर हस्ताक्षर करके इसे सीधे गेजेट में प्रकाशित कर सकते हैं।
(1) इस कानून के गेजट में प्रकाशित होने के 30 दिनों के भीतर प्रत्येक Voter एक Vote Vapsi Passbook प्राप्त करेगा। निम्नलिखित चार अधिकारी इस Vote Vapsi Passbook के अंतर्गत आएंगे:
1. जिला पुलिस प्रमुख। 2. मुख्यमंत्री। 3. स्वास्थ्य मंत्री। 4. शिक्षा मंत्री।
(2) यदि आप उपरोक्त व्यक्तियों के कार्य से संतुष्ट नहीं हैं और उनके स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को नियुक्त करना चाहते हैं, तो आप पटवारी कार्यालय में अपना अनुमोदन दर्ज कर सकते हैं। आप एसएमएस के माध्यम से भी अपना अनुमोदन दर्ज कर सकते हैं। आप किसी भी समय अपना अनुमोदन दे सकते हैं या वापस ले सकते हैं। यह अनुमोदन आपका वोट नहीं है, बल्कि एक सुझाव है।
(3) प्रारंभिक रूप से, पासबुक में ऊपर उल्लिखित चार अधिकारियों के नाम होंगे। मुख्यमंत्री जिला जज, हाई कोर्ट जज, मेडिकल ऑफिसर आदि जैसे अन्य अधिकारियों के लिए भी पासबुक में पृष्ठ जोड़ सकते हैं। नागरिक भी पासबुक में विशिष्ट अधिकारियों के नाम जोड़ने के लिए अपनी सहमति दर्ज करने हेतु इस कानून की धारा 10 का उपयोग कर सकते हैं। इस कानून का पूरा ड्राफ्ट देखने के लिए, इस लिंक पर जाएं: Tinyurl.com/Vvp33
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अब निर्णय आपके हाथ में है। या तो वही पुरानी, सड़ी-गली विनाशकारी व्यवस्था चलेगी, या जनता के अधिकार आधारित नए कानून लागू होंगे। इस बार वोट बहुत सोच-समझकर दें।
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इन सभी कानूनों का पूर्ण ड्राफ्ट पढ़ने के लिए इस QR Code को स्कैन करें या इस लिंक और वेबसाइट पर जाएं। इस QR Code में आपको भारत की एकमात्र ऐसी पुस्तक का PDF मिलेगा, जिसे पढ़ने के बाद आप जान पाएंगे कि भारत में इतनी समस्याएं क्यों हैं? और सभी समस्याओं के कानूनी समाधान बहुत आसान होने के बावजूद आज तक भारत में कोई उचित समाधानात्मक कानून क्यों लागू नहीं किया जा सका हैः Tinyurl.com/SolutionRtr
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Debasish Bhadra प्रत्याशी, चौरंगी विधानसभा
RIGHT TO RECALL PARTY 956 483 7892
राजवंश को अवश्य ही जनता के नियंत्रण में रहना चाहिए, अन्यथा वे जनता के संसाधनों की लूट करेंगे और राज्य नष्ट हो जाएगा।।
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2026 वेस्ट बंगाल विधानसभा चुनाव| राइट टू रिकॉल पार्टी प्रत्याशी, देबाशीष भद्रा - चौरंगी विधानसभा उम्मीदवार। चुनाव प्रचार पत्रक| इस गूगल लिंक द्वारा आप इसे डाउनलोड कर सकते हैं:
https://drive.google.com/file/d/1136Pj8ZJyQr7Yy9asQ4yw8pq6IgKK9Ph/view?usp=drivesdk