> Facebook Archive | Right to Recall Party (national) | Rahul Tiwari Jury | 2026-04-23

Rahul Tiwari Jury

किसी भी राज्य में चुनाव आने से पहले अधिक से अधिक प्रत्याशियों को चुनाव में खड़ा करने के लिए, केवल- डिजिटल ऐड कैंपेनिंग इत्यादि के लिए - अपना आर्थिक योगदान देना चाहिए।
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जैसे बंगाल में चुनाव आया है और चुनाव खत्म होते-होते पूरे 'राइट रिकॉल पार्टी' के कार्यकर्ताओं का लगभग ₹50000 या इससे ज्यादा खर्च हो जाएगा, 'केवल एक प्रत्याशी के लिए'।

|ध्यान दें, मैं इसमें किसी कार्यकर्ता का समय नहीं जोड़ रहा हूं|

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₹50000 लगभग जो खर्च होगा अगर यही खर्च हमने चुनाव से पहले अधिक प्रत्याशियों को ढूंढने में खर्च किया होता तो शायद 10 या इससे अधिक कैंडिडेट मिल गए होते।

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चुनाव में कैंडिडेट नहीं मिलने पर किसी कार्यकर्ता से विनती करके उसे चुनाव में खड़ा करना और उसके चुनाव का पूरा खर्चा उठाना, उसके हिस्से के कार्यों को खुद से करना यह बहुत कठिन और अत्यधिक मानसिक तनाव लेने वाला काम है।

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सबक यह मिला है, कि, अब जैसे 2027 विधानसभा चुनाव होने वाला है - तो हम सभी कार्यकर्ताओं को अपना अपना आर्थिक योगदान ऑनलाइन डिजिटल ऐड कैंपेनिंग इत्यादि में खर्च करना चाहिए।

यह समझने में थोड़ा कठिन है की हम समझ पाएं की चुनाव में कोई भी प्रत्याशी नहीं मिलने पर किसी प्रत्याशी को आर्थिक योगदान देकर चुनाव में खड़ा करने से बेहतर है कि हम पहले ही अधिक से अधिक प्रत्याशियों को ढूंढने में हमें अपना रुपया खर्च करना चाहिए।

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मैं आप सभी लोगों से अपील करता हूं कि अब — मणिपुर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब इत्यादि राज्यों के 2027 विधानसभा चुनाव में, केवल अधिक प्रत्याशियों को ढूंढने में ही अपना रुपया खर्च करें।। 🙏

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ध्यान दें, सबक लेने में भी रुपया खर्च करना पड़ता है!

इसलिए जो हुआ वह जाया नहीं गया है!!