Amit Upadhyay RrpMhulhasnagar MhUlhasnagar
कैल्शियम कार्बोनेट से बादल बनाकर सूरज की ---------------------------------------------------------- रोशनी रोकने की फेक कंस्पायरेसी थिअरी।
---------------------------------------------------------
कैल्शियम कार्बोनेट मोटा पाउडर होता है जिसमें यह संभव है कि वह सूरज की रोशनी की किरण गिरने पर सूरज की रोशनी की किरण को स्केटर (फैला दे) कर दे। ऐसे में सूरज की किरण सीधे नहीं जाकर कई बार टकराएगी जिसमें रोशनी की मात्रा कम हो जाती है और दिखाना काम हो जाएगा जिसे बादल बनाना समझा जा सकता है।
पर दिखाना बंद हो जाए इसके लिए, बादल की तरह कैल्शियम कार्बोनेट का छिड़काव करके आपको सूरज की रोशनी रोकनी है तो पतली से लेकर मोटी बादल की तरह लेयर बनानी होगी। घने बादल 200 से लेकर 300 ग्राम/मीटर ³ और हल्का भी लेंगे तो 10 ग्राम तो कम से कम होना चाहिए जिसे रोशनी को रोका जा सके।
इसके अलावा जो छिड़काव किया है वह छिड़काव उड़ना नहीं चाहिए, न ही पृथ्वी के गुरूत्वाकर्षण से नीचे की तरफ जाना चाहिए नहीं तो कोई भी ऐसी लेयर तैयार नहीं होगी। पर हवा का बहाव और गुरुत्वाकर्षण यह दोनों ही कैल्शियम कार्बोनेट के महीन पाउडर को नीचे की तरफ खींच लेंगे।
एक जेट विमान अगर 15 मिनट तक उड़ता है तो 10 ग्राम/मीटर ³ की भी लेयर अगर तैयार करता है तो उसके लिए 2000 टन ( 20 लाख किलो) कैल्शियम कार्बोनेट जेट विमान में होना चाहिए एक जेट विमान 50 से 200 किलो का पेलोड से ऊपर का वजन नहीं ले सकता ऐसे में यह फेक कंस्पायरेसी थिअरी है, इसे समझना चाहिए।
इसके लिए लगभग एक साथ में 56 लाख जेट विमान उड़ने होंगे इतनी तो पूरे दुनिया में जाट प्ले नहीं है ।
बादल की तरह चौड़ी प्लेयर तैयार करने के लिए बहुत भयंकर फैलाव होना चाहिए और इस प्रकार का फैलाव जेट विमान के छिड़काव से संभव नहीं है।
बिल गेट्स कुमीना व्यक्ति है और भारत में कई तरह के उपद्रव और लोगों के सेहत के साथ में खेलने का काम वह कर रहा है। पर अपने गलत कामों को छुपाने के लिए यह एलिट वर्ग कई फेक कंस्पायरेसी तैयार करता है और यह मुझे उसमें से एक लग रही है।