> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2025-11-02

Pawan Jury BhilwaraRj

पेड मीडिया की ताकत और अख़बार/टीवी की खुराक पर निर्भर कार्यकर्ताओ का मानसिक दशा:
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Evm के विरोध में सिर्फ एक वाक्य बोलने भर से ही आपको जिन प्रश्नो का सामना करना पड़ेगा, उसमें से एक प्रश्न यह है कि -
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जब Evm चेलेंज हो रहा था तब तुम कहाँ गए थे ?
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जवाब यह है कि, केंचुआ ने पिछले 8 साल से कोई Evm चेलेंज कराया ही नहीं है।
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चूंकि यह बात पेड मीडिया ने नहीं बतायी इसीलिए प्रश्न पूछने वाले की दिमाग में यह बात कभी भी नहीं आती कि - केंचुए ने पिछला Evm चेलेंज कब कराया था।
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मैंने पिछले 8 वर्षो में आज तक किसी भी प्रश्नकर्ता से यह पूछने से पहले (जब Evm चेलेंज हो रहा था तब तुम कहाँ गए थे ?) यह जानकारी लेते नहीं सुना कि - केंचुए ने पिछला Evm चेलेंज कब कराया था !!
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यह बात उसके दिमाग में कभी नहीं आएगी। उसके दिमाग में यह बात सिर्फ तब घुसेगी जब कोई न कोई टीवी चैनल या अख़बार उसे यह बताएगा कि, केंचुआ ने पिछले 8 साल से कोई Evm चेलेंज नहीं कराया है। और तब तक अपने जीवन में अमुक व्यक्ति जहाँ जहाँ Evm की बात चलेगी वहां यह घोटता रहेगा कि-
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जब Evm चेलेंज हो रहा था तब तुम कहाँ गए थे ?
जब Evm चेलेंज हो रहा था तब तुम कहाँ गए थे ?
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अख़बार-टीवी चाटने वाले प्रत्येक व्यक्ति के दिमाग यह प्रश्न पेड मीडिया ने इस तरह प्लांट किया हुआ है कि, जैसे ही उसके कान में Evm शब्द घुसेगा, वैसे ही बलात रूप से उसका मुंह खुलेगा और उसके मुंह से निकलेगा -
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जब Evm चेलेंज हो रहा था तब तुम कहाँ गए थे ?
जब Evm चेलेंज हो रहा था तब तुम कहाँ गए थे ?
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और हद यह है कि ऐसे व्यक्ति फेसबुक और व्हाट्स अप अपर आपको यह भी कहते मिलेंगे कि -- मीडिया बिकाऊ है, और नागरिको को ऐसे ऐसे तरीको से कंट्रोल करता है।
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इसे यह नहीं पता कि, "मीडिया बिकाऊ है" वाक्य भी उसे पेड मीडिया ने ही दिया है। यदि पेड मीडिया उसे नहीं बताता कि मीडिया बिकाऊ है तो उसके दिमाग में यह बात कभी जा ही नहीं सकती की -- "मीडिया बिकाऊ है"
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उदाहरण के लिए, उसे मीडिया ने कभी नहीं बताया कि मीडिया पेड है, इसीलिए उसके दिमाग में मीडिया के लिए बिकाऊ शब्द ही आ सकता है, पेड नहीं।
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