> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2025-08-11

Pawan Jury BhilwaraRj

Rahul Tiwari Jury:

10 अगस्त 2025 को बिहार पटना के Hotel City centre में "राहुल चिमनभाई मेहता के आविष्कार किए हुए EVM से मैने डेमो दिया"- की कैसे कागज का वोट और इलेक्ट्रॉनिक वोट का 100% मिलान करने के बावजूद भी वोट की चोरी नहीं पकड़ी जाएगी! - EVM में डाले गए प्रोग्राम EVM में लगा काला कांच और लाइट सेंसर की मदद से 20% तक वोट की चोरी कर सकता है।
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#EvmBlackGlassDemo प्रदर्शन अपने कार्यक्रम में रखने के लिए "Socialist Party (india)" और Sandeep Pandey जी का बहुत बहुत धन्यवाद🙏

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(ईवीएम हटाओ सेना से जुड़ने के लिए संपर्क करें:
92201 75499 / Evmhatao.com)
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(नीचे वीडियो में मेरे द्वारा बोले गए शब्दों का ट्रांसक्रिप्ट अक्षर लिखा हुआ है कृपया इसे पढ़ें) ↓↓
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(1) मेरा नाम राहुल तिवारी है, मैं ईवीएम हटाओ सेना का कार्यकर्ता हूँ, मैं दिल्ली में रहता हूँ, पिछले एक महीने से यहाँ पटना में आया हुआ हूँ। मैं बगहा का ही रहने वाला हूँ पश्चिमी चंपारण जिला है।
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(2) तो मैं सभी कार्यक्रम में जाकर ऐसे डेमो दिखाता हूँ। हमारा लक्ष्य है। ईवीएम हटाओ सेना का लक्ष्य है कि भारत के 95 करोड़ मतदाताओं को आंखों के सामने से ऐसा डेमो दिखायेगा। ठीक है, ताकि वो मांग करे कि उनको बैलेट पेपर से वोट देने का विकल्प मिले।
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(3) तो मैं अभी यहाँ हमारे पास तीन चुनाव चिन्ह है, सेब है, केला है और तरबूज। ठीक है,

सेब केला तरबूज में इनमें से किसी एक को दो बार वोट देंगे। आप यह जो मशीन देख रहे हो इसके आविष्कारक का नाम राहुल चीमनभाई मेहता हैं। वो ईवीएम हटाओ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जिन्होंने इसका अस्वीकार किया है।
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(4) और मैं खुद छह बार जंतर मंतर पर डेमो दे चुका हूँ। हमने 2024 में बहुत ही बड़े स्तर पर डेमो दिया था, जिसकी वजह से मोदी जी और भाजपा 400 पार नहीं कर पाई थी।

ठीक है, तो अभी कोई एक व्यक्ति चाहिए मुझे, जो यहाँ पर वोट दे सके।
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(5) तो अब आप ध्यान से देखें क्या आपको अब बनाना की पर्ची दिख रही है।केले का वोट पड़ा केले की पर्ची आपको दिख गई। अरे भाई साहब देखो ध्यान से आप लोग। हमने केले को वोट दिया था, केले की पर्ची दिख गयी थी। आपको हाँ केले दिखी ठीक है, मैं इसको चलो खोल कर दिखा देता हूँ आप देख लो केले की वोट दिए थे केले की पर्ची दिख गयी आपको ठीक है।

फिर से आप बनाना पे वोट दीजिए, फिर से केले को वोट दिए फिर से आपको केले की पर्ची दिख गयी ध्यान से देख लो केले की पर्ची दिख गयी ठीक है अब मैं एकदम खोल के दिखाता हूँ,
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(6) देखो दो इलेक्ट्रॉनिक वोट↓

जो चुनाव आयोग मशीन का उपयोग करता है, एक एक वीवीपैट होता है, एक बैलेट यूनिट होता है, एक कंट्रोल यूनिट होता है, हमने इस स्क्रीन में कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट डाला है।

भारत में अक्सर आप लोग सुने होंगे जैसे की बहुत सारे लोग हैं, जो भारत के बहुत बड़े लीडर हैं, वो लोग कहते हैं कि कागज़ पर्चियों में और इलेक्ट्रॉनिक वोट में 100% मैचिंग कर लो तो वोट चोरी पकड़ी जाएगी।

तो इसमें मेरा यह कहना है कि वो लोग भारत की 95 करो मतदाताओं को बेवकूफ बना रहे है!! कैसे?
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(7) मैं आपको दिखाता हूँ देखो। केवल दो केले को वोट किया था, दो इलेक्ट्रॉनिक वोट और दो कागज की पर्ची है। लेकिन वोट चोरी हो गया।आपने कितना वोट किया था? दो वोट किया था, दोनों वोट केले को किया था, लेकिन एक केला एक सेब आ गया ठीक हैं, तो एक वोट की चोरी हो गई!!

बल्कि आपको यहाँ पे दिखा था ना, आप देखे थे की दोनों बार केले की पर्ची हैं, ठीक हैं। इसी तरीके से ऐसे वोट की चोरी होती हैं ठीक हैं।

और अब आपलोग अपना सवाल पूछें। या दुबारा करके देखना हो तो बताएं? अगर किसी का कोई सवाल था क्या?

अच्छा इसमें पर्सनल आपका तो सेट्टिंग नहीं है? हम कैसे विश्वास कर सकते हैं कि यह इलेक्शन कमिशन की मशीन है? हाँ यह इलेक्शन कमीशन का मशीन नहीं है!!
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(8) इसको राहुल चिमनभाई मेहता जी ने बनाया है। उन्होंने इसमें प्रोग्राम डाला है। कि केवल सब को अधिक वोट पड़े? ठीक है। सेब को जितनी बार वोट पड़ेगा वो वोट चोरी नहीं होगा। बाकी केले कोतरबूज को वोट पड़ेगा तो वोट चोरी होके सेब में चला जाएगा। ठीक है।

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के दो प्रोग्रामर पूरे भारत में जीतने भी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन है। वह उसका प्रोग्राम बनाते हैं। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के दो प्रोग्राम या तीन होंगे।वो लोग पूरे भारत में जीतने भी मशीनें उपयोग की जाती है, उसका प्रोग्राम बनाते हैं, तो वो ऐसा प्रोग्राम डाल सकते हैं। इसमें की मान ले। किसी महीने के 20 तारीख को वोट होना है तो 20 तारीख को सुबह 10:00 बजे से लेके शाम को 3:00 बजे तक ही वोट चोरी करना है उसके बाद या उसके पहले आप 1000 बार मॉक पोल कर लो, वोट की चोरी पकड़ी नहीं जाएगी।

जैसे आप अपने फ़ोन में हम अपने फ़ोन में अलार्म लगाएंगे। सुबह 8:00 बजे का बजेगा तो 8:00 बजे ही बजेगा, 7:58 पे नहीं बजेगा। ठीक है, उसी तरीके से इसमें VVPAT में कमांड डाला जा सकता है। कि अगर वोट चोरी का प्रोग्राम इसमें आएगा सिंबल लोडिंग फाइल के जरिये, जो कि 15 दिन पहले इसमें डाला जाता है, ठीक है।
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(9) देखो शुरू से बताता हूँ आपको।भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड के केवल 2 से 3 प्रोग्रामर हैं, जो EVM के लिए प्रोग्राम बनाते हैं। जो पूरे भारत के इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में 15 दिन पहले सिंबल लोडिंग फाइल के जरिए EVM में डाल दिया जाता है। उस प्रोग्राम को, BEL के 150 टेक्नीशियन को दिया जाता है। वो 150 टेक्नीशियन भारत में।सभी कलेक्टर ऑफिस में जाकर, सिम्बल लोडिंग फाइल के जरिए EVM में अपलोड करते है।

ठीक है फिर उस हिसाब से वोटिंग होती है, तो अगर उन जैसे की मान लो, किसी जज के पास विकल्प होता है, वो चोरी करता है, घूस लेता है, पुलिसवाले के पास विकल्प होता है, वो घूस लेता है। विधायक सांसद के पास विकल्प होता है तो वह लोग भ्रष्टाचार करते रहतें हैं।तो चुनाव आयोग के पास भी वोट की चोरी करने के बहुत विकल्प हैं। वो लोग भी वोट की चोरी कर सकते हैं। कुछ भी कर सकते हैं। ठीक है ना।
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(10) तो हमारी केवल इतनी मांग है कि, हर एक पोलिंग बूथ में EVM के साथ बैलट बॉक्स भी रखा जाए। जीसको ईवीएम से प्यार है वो लोग EVM में वोट दें, जीसको बैलट पेपर से वोट देना है, उनको विकल्प मिले। और वोट की गिनती बगैर बैलट बॉक्स को 1 इंच भी बिना हिलाए।लाइव कैमरे के सामने हो, ओपेन पोलिंग बूथ हो, मतदान कक्ष में दीवार न हों केवल पिलर हो, और लाइव कैमरे के सामने बगैर एक इंच भी बैलट पेपर को हिलाए, वोटों की गिनती हो जाए तो क्या? चोरी हो पाएगा? नहीं होगा ना, फिर सवाल ही खत्म हो जाता है।
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(11) उसके बाद बहुत सारे लोग बोलते हैं, की भाई मॉक पोल में चोरी क्यों नहीं पकड़ी जाती है? तो मैंने आपको बता दिया प्रोग्राम में ऐसा कमांड डाला जाता है भाई!! सॉफ्टवेयर का प्रोग्रामर कुछ भी प्रोग्राम डाल सकता है, हमने अपने मशीन में ऐसा प्रोग्राम डाला है!

आप मान लो।
पटना जिला का जितना भी पोलिंग बूथ है, उन सभी मशीनों में हमारे द्वारा बनाया गया प्रोग्राम डाल दो हम सोशलिस्ट पार्टी को चुनाव जीता देंगे!!चुनाव आयोग को आप लोग बोल दो की वो लोग हमें दे रहे थे तो हम हमें सिर्फ प्रोग्राम डालना है, बाकी सारा काम उनका! जनता वोट देगी BJP को लेकिन जाएगा सोशलिस्ट पार्टी को!! समझ रहे हो?!!

तो इस तरीके से होता है, और कोई सवाल? मान लो कोई बोलता है कि आपलोग सुप्रीम कोर्ट में क्यों नहीं जाते हैं? तो जवाब है सुप्रीम कोर्ट का जो जज है वो बोलता है मेरे को।मैं केवल प्रोफेशनल वकील से बात करूंगा तो वो कोई प्रोफेशनल वकील पांच से ₹10,00,000 लेता है याचिका लगवाने के लिए, अगर हम यह राशि कहीं से दे भी देते हैं तो, इस बात की क्या गारंटी है कि वह वकील किसी और से 50 लाख लेकर हमारी याचिका खराब न करे?? सुप्रीम कोर्ट के एक बड़े वकील प्रशांत भूषण जी ने हमारी बात सुप्रीम कोर्ट में रखने को बोला था!! हमारे कार्यकर्ता सुप्रीम कोर्ट के बाहर डेमो मशीन लेकर पहुँच गए थे, लेकिन प्रशांत भूषण जी ने उन्हें अंदर नहीं बुलाया। डेमो दिखाने नहीं दिया। ठीक है।
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(12) तो इस तरीके से वोट की चोरी हो जाती है।

आप सभी लोगों को बैलेट पेपर मांग खुद से करनी चाहिए। आदेश पत्र भेजना चाहिए, मुख्यमंत्री को कि मतदान कक्ष में ईवीएम के साथ बैलेट पेपर भी रखा जाए। ताकिहमें बैलट पेपर से वोट देकर अपना वोट ईमानदारी से अपने को प्रत्याशी तक पहुंचाएं। ठीक है, और यह बहुत ध्यान देने वाली बात है।
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(13) देखो जो बिहार का मुख्यमंत्री है वो बैलट पेपर का विकल्प दे सकता है। उसको चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट रोकने नहीं आएगा अगर वो केवल EVM बंद करवाएगा।तो उसको रोकने आएगा, लेकिन अगर EVM के साथ बैलेट पेपर का विकल्प देने हो तो कानूनन मुख्यमंत्री के पास इतना अधिकार नीतीश कुमार के पास है कि वो बिहार के सभी लोगों को बैलेट पेपर से वोट देने का विकल्प दे। तो अगर ये मांग बहुत बड़ी मांग अगर उठती है, ज्यादा से ज्यादा लोग उनसे मांग रखते है तो उनको देना पड़ेगा मजबूरन।
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992201 75499 / Evmhatao.com