Pawan Jury BhilwaraRj
Tarun Gochar:
पहला कदम कठिन होता है लेकिन अब शुरुआत हो चुकी है।
आज 5 जनवरी 2025 रविवार को कोटा में हमने
लोकतंत्र बचाओ आंदोलन समिति के साथ में
EVM के काले कांच के द्वारा किस प्रकार से वोट की चोरी की जा सकती है
के लिए एक डेमो देने का अवसर मिला इसमें उनका प्रोग्राम दो स्थानों पर था पहले उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस थी जिसमें उनके द्वारा बुलाए गए वक्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करना था और उसके बाद में पब्लिक को व्याख्यान देना था।
दोनों ही स्थान पर हमने डेमो देने का मन बनाया था
लेकिन अंतिम समय पर समिति के पदाधिकारी ने फोन करके बताया कि आपको इस कार्यक्रम में डेमो देने की परमिशन नहीं मिल सकती, (शायद उनपर कोई दबाव आया हो) लेकिन हमको डेमो तो देना ही था किसी भी कीमत पर,
उनसे बात करने पर और समझाने पर कि आप जो आयोजन कर रहे हैं इसका उद्देश्य यह बैलट पेपर से मतदान करवाना लेकिन जनता को यह तो पता चलना चाहिए कि बैलट पेपर की मांग एवं के होते हुए क्यों की जा रही है क्योंकि EVM के काले कांच के द्वारा वोट चोरी की संभावना बढ़ जाती है इसीलिए तो हम बैलट पेपर से मतदान की मांग कर रहे हैं
लेकिन अगर लोगों को पता ही नहीं होगा तो फिर इसका उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।
तो प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब तक वह नहीं आए थे तब तक पत्रकारों के कोतूहलवश हमने वहां पर डेमो दिखाना शुरू कर दिया ।
इसमें कुछ पत्रकारों को हमने वोट करने के लिए बुलाया, और जब उन्होंने वोट दे दिया तो उनसे पूछा कि, उन्होंने जिस व्यक्ति को वोट दिया क्या उसको मिला, स्क्रीन पर देखनेपर वो आश्वस्त थे।
परंतु जब उनको पर्ची दिखाई तो उनका चेहरा देखने लायक था। वो अचंभित थे।
जब प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त हुई तो होटल के बाहर आयोजकों में से कुछ लोगों ने ऐसा कहा कि यह डेमो आप पंजाबी सभा भवन में पहले ही दिखा दो, ( शायद उनको प्रेस कॉन्फ्रेंस में डेमो देखकर इसकी गंभीरता समझ आगे)
बस फिर क्या था हमने मशीन उठाई और पंजाब सभा भवन पहुंच गए वहां पर सेटअप किया आयोजकों ने हमसे हमारा परिचय लेकर मंच हमारे हवाले कर दिया और जब हमने विधिवत रूप से वहां पर अलग-अलग लोगों को बुलाकर डेमो किया और उनको बताया कि किस प्रकार से उनका इलेक्ट्रॉनिक वोट के साथ-साथ कागज का वोट भी चोरी हो गया है।
अजीब सा माहौल था, वहां लोग विश्वास ही नहीं कर पा रहे थे कि ऐसा भी हो सकता है।
खैर हमारा नागरिक कर्तव्य पूरा हुआ ।
इसी तर्ज पर हमें किसी भी कीमत पर भारत के 95 करोड़ मतदाताओं तक यह डेमो पहुंचना है।