> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2024-04-30

Pawan Jury BhilwaraRj

चिकन टिक्का मसाला लोगो को बीमार करने के लिए बनाया गया था मारने के लिए नहीं, ताकि लंबे समय तक दवाइयाँ खाने वाले व्यक्तियों की संख्या बढ़े।
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चिकन टिक्का खाकर जो लोग मर रहे है, वो चिकन टिक्का का साइड इफ़ेक्ट है, मेन इफ़ेक्ट नहीं। मेन इफ़ेक्ट को साइड में करने के लिए साइड इफ़ेक्ट को उछाला जा रहा है ।
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न्यू वर्ल्ड ऑर्डर थ्योरी के प्रायोजकों ने बीमार करने के असली इफ़ेक्ट से ध्यान हटाने के लिए इसे डी-पापुलेशन (आबादी कम करने के लिए बहुत बड़े पैमाने पर होने वाली मृत्यु) से जोड़ा। और अब वे इसे अधिकृत जामा पहना रहे है।
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आदमी के मर जाने से धंधा नहीं बढ़ता। धंधा मरीजो की संख्या बढ़ने से बढ़ता है। ताकि व्यक्ति सालों साल तक दवाइयाँ खाता रहे।
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कुछ 1000 व्यक्तियों ने यदि चिकन टिक्का खाया है तो 20 लोगो को BP, शुगर, ब्रेन स्ट्रोक, लैंगिक पहचान असमंजस (Zender Identity Confusion), किडनी फेलियर, थकान, स्टेमिना में कमी, कैंसर, प्रतिरोधक क्षमता में कमी, बाँझपन, नपुंसकता, पेरेलाईसिस जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है, और एवज़ में उन्हें शेष जीवन में चिकित्सा की मद में निरंतर एवं मोटा पैसा चुकाते रहना होगा। औचक मृत्यु तो इन 1000 में से से 2 की होगी !!
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तो इसे मूल रूप से बीमार करने के लिए बनाया गया है, मारने के लिए नहीं। किंतु कुछ लोगो का शरीर इसे झेल नहीं पा रहा है, और वे अचानक से मर भी रहे है।
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