Pawan Jury BhilwaraRj
वोट करते समय आपको यह नहीं देखना चाहिए कि - अमुक उम्मीदवार अच्छा आदमी है या बुरा आदमी है, ज्यादा पढ़ा लिखा है या कम पढ़ा लिखा है। उम्मीदवार पर आपराधिक मुकदमें चल रहे है या नहीं चल रहे है। उम्मीदवार युवा है या वृद्ध है। किसी उम्मीदवार को परखने की उपरोक्त लिखी गयी सब वजहें गलत है।
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विधायक का काम कानून बनाना है। और मतदाता को सिर्फ यह देखना चाहिए कि अमुक उम्मीदवार कौनसे कानून बनाने का वादा कर रहा है, और क्या अमुक उम्मीदवार ने अमुक क़ानून की रूप रेखा (मसौदा) लिखित में दिया है या नहीं दिया है।
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जिस उम्मीदवार के पास अच्छे कानूनों का कोई प्रस्ताव नहीं है, वह मतदाताओ को भ्रमित करने के लिए अच्छा उम्मीदवार, पढ़ा लिखा उम्मीदवार आदि अप्रासंगिक विशेषताओ का उल्लेख करके वोट मांगता है।
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उदाहरण के लिए वाजपेयी जी एक अच्छे आदमी थे, उन पर कोई आपराधिक मामले दर्ज नहीं थे, और काफी पढ़े लिखे भी थे। किन्तु उन्होंने पेड मीडिया के प्रायोजको को खुश करने के लिए 2001 में "कुत्ता पकड़ पर रोक" क़ानून बनाया। नतीजा - हर साल लगभग 30,000 लोगो को आवारा कुत्ते काटते है, और इनमें से 10,000 लोगो की मृत्यु हो जाती है !!!
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तो आपकी विधानसभा में जो भी उम्मीदवार वोट मांग रहे है, उनसे पूछिए कि विधानसभा में जाने के बाद वह कौनसे कानून पेश करने वाले है। या उनके पास वोट मांगने के लिए सिर्फ - सेवाभावी उम्मीदवार, कर्मठ उम्मीदवार, जन-जन का लाडला उम्मीदवार, ईमानदार उम्मीदवार आदि लॉली पॉप है।
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मैं भीलवाड़ा विधानसभा से प्रत्याशी हूँ और मैंने 35 क़ानून ड्राफ्ट्स प्रस्तावित किये है। जिनमें मुख्य रूप से वोट वापसी मुख्यमंत्री, वोट वापसी जिला पुलिस प्रमुख, जूरी कोर्ट, गौ-नीति, राष्ट्रिय हिन्दू बोर्ड आदि है।
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यदि आप वोट वापसी पासबुक की मांग आगे बढ़ाना चाहते है तो मेरा समर्थन करें।
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पवन कुमार शर्मा - प्रत्याशी, भीलवाड़ा विधानसभा
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#VoteVapsiPassbook