Pawan Jury BhilwaraRj
#SocialMediaPolicy , #Vvp35
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सोशल मीडिया को सुधारने हेतु प्रस्तावित अधिसूचना
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14 धाराओं की इस अधिसूचना को प्रधानमंत्री अपने हस्ताक्षर करके राजपत्र में सीधे प्रकाशित कर सकते है। इस कानून के गेजेट में आने से निम्न परिवर्तन आयेंगे :
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A. राजनैतिक एवं अन्य ऐसे समूहों की IT cells के नामालूम खातो द्वारा फैलाए जा रहे सुनियोजित झूठे प्रोपेगेंडा, फेक न्यूज आदि में कमी आएगी।
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B. नग्नता, अश्लीलता, गाली-गलौच आदि के सार्वजनिक प्रदर्शन में कमी आएगी, तथा सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराध घटेंगे।
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इस क़ानून के मुख्य बिंदु निचे दिए गए है। पूरे ड्राफ्ट का लिंक कमेन्ट बॉक्स में देखें।
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(1) सिर्फ सत्यापित खाते : सोशल मीडिया कम्पनी किसी भी यूजर की पहचान का सत्यापन (Identity Verification) किये बिना उसे खाता खोलने की अनुमति नहीं देगी। पहचान को सत्यापित करने के लिए सिर्फ मतदाता पहचान पत्र का इस्तेमाल किया जाएगा, अन्य किसी दस्तावेज का नहीं।
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1.1. अवयस्क या NRI / PIO / OCI अपना खाता खोलने के लिए अपने माता-पिता, भाई-बहन या इनके सहोदर रिश्तेदारों या अपने विधिक अभिभावक के मतदाता पहचान पत्र का इस्तेमाल कर सकता है।
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1.2. यदि कोई ईकाई (कम्पनी, एनजीओ एवं फर्म) अपना खाता खोलना चाहती है तो अमुक इकाई के निदेशक / ट्रस्टी / साझेदार अपने मतदाता पहचान पत्र के द्वारा इकाई के नाम से खाता खोल सकेंगे।
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(2) पहचान का प्रदर्शन : प्रोफाइल के About सेक्शन में सबसे ऊपर एवं पहले खाता धारक की मतदाता संख्या, उसका जिला एवं उसके द्वारा चलाए जा रहे खातो की संख्या दृश्यमान (Visible) होगी, ताकि कोई भी यूजर इसे देख सके।
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(3) चेटिंग सर्विस देने वाले प्लेटफ़ॉर्म (व्हाट्स एप, टेलीग्राम, मेसेंजर, हाईक आदि) पर जब कोई मेसेज फॉरवर्ड किया जाएगा तो मेसेज के हेडर पर उस व्यक्ति का नाम व वोटर नं लिखा दिखेगा जिसके मेसेज को फॉरवर्ड किया गया।
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(4) वयस्क सामग्री जैसे डेटिंग एप, व्यस्क श्रेणी के वीडियो, ऑडियो, वयस्क श्रेणी के उत्पाद जो कि अवयस्कों के लिए उपयुक्त नहीं है, के विज्ञापन सिर्फ वयस्कों के लिए प्रसारित कार्यक्रमों के दौरान ही दिखाए जा सकेंगे।
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(5) ऑनलाइन जुआ एवं दांव खिलाने वाली सभी प्रकार की बेटिंग एप को प्रतिबंधित किया जाता है।
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(6) मुख्य सचिव के लिए निर्देश : सभी मतदाताओ के मोबाईल नंबर को उनके वोटर कार्ड से लिंक करने की प्रक्रिया को 90 के भीतर पूर्ण करने के आदेश जारी किये जाते है।
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(7) शिकायतों की सुनवाई जूरी द्वारा : सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर किये गए ऐसे सभी कृत्य जो भारत में प्रवृत दंड संहिताओ के अंतर्गत दण्डनीय है, जैसे - दृश्य या श्रव्य माध्यम से नग्नता, न्यूसेंस, गाली-गलौच, अफवाह, फेक न्यूज, धमकी, जातीय-साम्प्रदायिक वैमनस्य आदि फैलाना - जूरी के दायरे में आयेंगे।
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(8) जूरी के समक्ष शिकायत करने की प्रकिया : यदि किसी व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर किये गए किसी कृत्य पर आपत्ति या शिकायत है तो वे अपने जिले के महाजूरी मंडल को लिखित में अपनी शिकायत दे सकते है। मामले की गंभीरता के अनुसार जूरी में 12 से 1500 तक सदस्य हो सकेंगे।
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